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January 19, 2026 8:03 pm

सिम्स बिलासपुर में नए एमडी कोर्सों की शुरुआत, तीन विभागों को मिली मंज़ूरी – सीटों की संख्या हुई 89 

बिलासपुर।छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान सिम्स बिलासपुर ने इस वर्ष शैक्षणिक विस्तार के क्षेत्र में नई उपलब्धि दर्ज की है। संस्थान में एमडी-एमएस की कुल सीटों की संख्या पिछले वर्ष 68 थी, जो इस सत्र में 21 सीटों की वृद्धि के साथ बढ़कर 89 हो गई है। इन सीटों पर प्रवेश प्रक्रिया वर्तमान में जारी है।

दो विभागों में नए MD कोर्स शुरू होने की मंज़ूरी

सिम्स में नए एमडी पाठ्यक्रम शुरू करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है फिजियोलॉजी विभाग टीबी एंड चेस्ट विभाग दोनों को 4–4 सीटों के साथ एमडी कोर्स की शुरुआत की स्वीकृति मिल गई है। राज्य शासन ने दोनों विषयों के लिए एसेंशियालिटी सर्टिफ़िकेट भी जारी कर दिया है।

टीबी एंड चेस्ट विभाग को पुनः मान्यता की दिशा में कदम

पूर्व में विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. पुनीत भारद्वाज के निधन के बाद NMC ने टीबी एंड चेस्ट विभाग की मान्यता निरस्त कर दी थी। प्रोफेसर स्तर की फैकल्टी न होने के कारण यह कार्रवाई की गई थी।

अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति द्वारा एनएमसी से पुनर्विचार का अनुरोध किया गया, जिसके बाद शासन ने डॉ. प्रतीक कुमार को पदोन्नत कर प्रोफेसर पद पर नियुक्त कर दिया। इससे विभाग पुनः NMC मानकों पर खरा उतरा और इसके लिए नया अनिवार्यता प्रमाण पत्र भी जारी हो गया।

मेडिसिन विभाग में सीट वृद्धि

मेडिसिन विभाग में एमडी सीटों की संख्या में भी बढ़ोतरी की गई है। पहले विभाग में 8 सीटें स्वीकृत थीं, जिन्हें बढ़ाकर अब 13 सीटें कर दिया गया है। इस विभाग के लिए भी एसेंशियालिटी सर्टिफ़िकेट जारी कर दिया गया है।

अब विश्वविद्यालय संबद्धता और एनएमसी अनुमोदन की प्रक्रिया शुरू

सिम्स प्रशासन अब फिजियोलॉजी, टीबी एंड चेस्ट और मेडिसिन विभागों के पाठ्यक्रमों की संबद्धता हेतु आयुष एवं स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय को आवेदन भेज रहा है। विश्वविद्यालय की संबद्धता प्राप्त होने के बाद इन विषयों के लिए अंतिम अनुमोदन हेतु राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग एनएमसी को आवेदन भेजा जाएगा।

शैक्षणिक क्षमता में वृद्धि, विद्यार्थियों को नए अवसर

इन नए कोर्सों और सीट वृद्धि के बाद संस्थान की शैक्षणिक क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। प्रदेश के मेडिकल विद्यार्थियों के लिए विशेषज्ञता हासिल करने के अवसर बढ़ेंगे।

अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति का बयान

अधिष्ठाता डॉ. मूर्ति ने कहा नए एमडी कोर्सों की स्वीकृति और सीट वृद्धि सिम्स के लिए बड़ी उपलब्धि है। यह हमारे संस्थान की शिक्षण-व्यवस्था और संसाधनों की मजबूती को दर्शाता है। टीबी एंड चेस्ट विभाग के पुनर्मूल्यांकन के लिए समय पर उठाए गए कदमों के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। अब हमारा ध्यान विश्वविद्यालय संबद्धता और एनएमसी अनुमोदन प्रक्रिया को जल्द पूर्ण करने पर है, ताकि छात्रों को शीघ्र ही इन पाठ्यक्रमों में प्रवेश का अवसर मिल सके। हमारा लक्ष्य सिम्स को प्रदेश ही नहीं, बल्कि देश के अग्रणी चिकित्सा संस्थानों में स्थापित करना है।

रवि शुक्ला
रवि शुक्ला

प्रधान संपादक

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