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February 11, 2026 11:27 am

मंगल स्पंज आयरन प्लांट में ऊंचाई से गिरकर क्रेन ऑपरेटर की मौत, परिजन ने किया हंगामा

बिलासपुर। बिल्हा क्षेत्र के भैंसबोड़ स्थित मंगल स्पंज आयरन प्लांट में बुधवार को कार्य के दौरान हुई लापरवाही ने एक युवक की जान ले ली। 25 वर्षीय क्रेन ऑपरेटर मिथलेश कुमार यादव ऊंचाई से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इलाज के लिए अस्पताल ले जाते समय उन्होंने दम तोड़ दिया। घटना के बाद गुरुवार को परिजन व ग्रामीणों ने प्लांट गेट के सामने जमकर हंगामा किया। परिजनों का आरोप था कि प्लांट प्रबंधन ने सुरक्षा मानकों की अनदेखी की, जिससे यह हादसा हुआ। काफी समझाइश और बातचीत के बाद मामला शांत हुआ।

डीएसपी डीआर टंडन ने बताया कि मृतक मिथलेश यादव भैंसबोड़ का ही निवासी था और पिछले कुछ वर्षों से मंगल स्पंज प्लांट में क्रेन ऑपरेटर के रूप में काम करता था। बुधवार को वह करीब 40 फीट की ऊंचाई पर काम कर रहा था, तभी अचानक संतुलन बिगड़ने से नीचे गिर पड़ा। उसके सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोट आई। साथियों को लगभग 15-20 मिनट बाद हादसे की जानकारी हुई, जिसके बाद उसे अस्पताल भेजा गया, लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया।
सुरक्षा मानकों का नहीं हो रहा पालन
प्लांट में काम करने वाले कर्मचारियों ने बताया कि यहां सुरक्षा मानकों का खुलेआम उल्लंघन किया जाता है। काम के दौरान मजदूरों को सुरक्षा उपकरण नहीं दिए जाते। मिथलेश भी बिना सेफ्टी बेल्ट और हेलमेट के ऊंचाई पर काम कर रहा था। हादसे के बाद यह भी सामने आया कि प्लांट में एंबुलेंस की भी व्यवस्था नहीं थी। घायल मिथलेश करीब आधे घंटे तक तड़पता रहा, फिर किसी तरह एंबुलेंस आने पर उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी।
मुआवजा देने में भी आनाकानी
गुरुवार सुबह जब परिजनों और ग्रामीणों को मौत की खबर मिली तो वे आक्रोशित हो गए। उन्होंने प्लांट गेट के सामने प्रदर्शन करते हुए प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया और उचित मुआवजे की मांग की। पहले तो प्लांट प्रबंधन ने किसी भी तरह के मुआवजे से इंकार कर दिया, जिससे भीड़ और उग्र हो गई। सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और समझाइश दी। शुरुआत में प्लांट प्रबंधन मामूली मुआवजा देने की बात कहकर मामले को दबाने की कोशिश कर रहा था, लेकिन परिजन अड़े रहे। अंततः प्रशासनिक दबाव और बातचीत के बाद प्रबंधन ने 20 लाख रुपये का मुआवजा देने पर सहमति जताई। तत्काल एक लाख रुपये परिजनों को दिए गए, तब जाकर ग्रामीण शांत हुए। मिथलेश के पिता अर्जुन यादव गांव के पूर्व सरपंच हैं। परिजनों ने बताया कि मिथलेश ही परिवार का एकमात्र कमाऊ सदस्य था और उसी की आय से दो छोटे बच्चों का पालन-पोषण होता था। उसकी असामयिक मौत से परिवार पर संकट टूट पड़ा है। ग्रामीणों का कहना है कि प्लांट प्रबंधन को कर्मचारियों की सुरक्षा और परिवारों के भविष्य के प्रति जिम्मेदार होना चाहिए।

रवि शुक्ला
रवि शुक्ला

प्रधान संपादक

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