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February 15, 2026 9:02 am

अधीक्षक पद से हटाए जाने के आदेश पर हाई कोर्ट ने लगाई रोक


बिलासपुर छत्तीसगढ़ ।एक याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस बी.डी. गुरु के सिंगल बेंच ने आदिवासी विकास विभाग, सक्ती जिले के कलेक्टर द्वारा जारी स्थानांतरण आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है। साथ ही सचिव, आयुक्त, सहायक आयुक्त आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग और जिला शिक्षा अधिकारी सक्ती समेत चार अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
याचिकाकर्ता अवध राम नारंग शिक्षक एलबी के पद पर कार्यरत हैं, वर्ष 2015 से अनुसूचित जाति बालक आश्रम नगारीडीह, विकासखंड जैजैपुर में अधीक्षक के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने अधिवक्ता अब्दुल वहाब खान के माध्यम से याचिका दायर कर बताया कि उन्हें अस्थायी रूप से अधीक्षक पद की जिम्मेदारी दी गई थी, जब तक कि उस पद पर स्थायी नियुक्ति नहीं हो जाती। हालांकि, 4 मई 2025 को जिला कलेक्टर आदिवासी विकास सक्ती द्वारा आदेश जारी कर उन्हें उनकी मूल पदस्थापना शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय मेडिकोना, विकासखंड डभरा में भेज दिया गया, जबकि वहां पहले से ही विज्ञान विषय का शिक्षक कार्यरत है। इसके साथ ही, उनके स्थान पर प्री-मैट्रिक अनुसूचित जाति बालक छात्रावास, पेंड्री में कार्यरत अधीक्षक नरेंद्र श्रीवास को नगारीडीह आश्रम का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया गया। याचिका में कहा गया है कि इस तरह बिना स्थायी नियुक्ति किए एक अन्य छात्रावास में कार्यरत अधीक्षक को ही अतिरिक्त प्रभार सौंपना नियम विरुद्ध है। साथ ही, याचिकाकर्ता की मूल शाला में पहले से ही शिक्षक पदस्थ होने के कारण उनकी नियुक्ति वहां व्यर्थ हो जाएगी, जिससे नगारीडीह आश्रम का संचालन भी प्रभावित होगा।
उक्त तथ्यों को ध्यान में रखते हुए न्यायालय ने प्रथम दृष्टया याचिकाकर्ता की बातों को गंभीर माना और कलेक्टर द्वारा जारी स्थानांतरण आदेश पर अंतरिम रोक लगाते हुए सभी उत्तरवादी अधिकारियों से जवाब प्रस्तुत करने को कहा है। अब मामले की अगली सुनवाई प्रमुख पक्षकारों के जवाब के बाद होगी।

रवि शुक्ला
रवि शुक्ला

प्रधान संपादक

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