
पहले चरण में आठ महानगरों में शुरू होगी सुविधा, ऑनलाइन भुगतान और रियल टाइम ट्रैकिंग भी मिलेगी
Cbn36 बिलासपुर, 29 अक्टूबर। रेलवे पार्सल सेवा को आसान और सुविधाजनक बनाने के लिए ‘रेल पार्सल ऐप–घर से घर तक’ विकसित कर रहा है। इसके जरिए ग्राहक घर बैठे पार्सल बुक कर सकेंगे। लॉजिस्टिक्स सेवा प्रदाता घर से पार्सल लेकर रेलवे स्टेशन पहुंचाएंगे। ट्रेन से गंतव्य स्टेशन तक पहुंचने के बाद पार्सल की डिलीवरी प्राप्तकर्ता के घर तक की जाएगी। पहले चरण में यह सुविधा दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, अहमदाबाद, हैदराबाद, बेंगलुरु और पुणे में शुरू करने की योजना है। बाद में इसका विस्तार देशभर में किया जाएगा।
ऐप एंड्रॉइड, आईओएस और वेबसाइट पर उपलब्ध होगा। ग्राहक मोबाइल नंबर से पंजीकरण कर पार्सल का विवरण और प्रस्थान व गंतव्य स्टेशन दर्ज कर सकेंगे। वे अपनी पसंद का लॉजिस्टिक्स सेवा प्रदाता भी चुन सकेंगे। घर से पिकअप और घर तक डिलीवरी वैकल्पिक होगी। पिकअप के लिए उपलब्ध समय का चयन करने के साथ पैकिंग और भंडारण जैसी अतिरिक्त सेवाएं भी ली जा सकेंगी।
एकमुश्त भुगतान, डिजिटल रसीद
रेल भाड़े, पिकअप-डिलीवरी शुल्क और अन्य सेवाओं का भुगतान यूपीआई, डेबिट-क्रेडिट कार्ड तथा नेट बैंकिंग से एक ही लेन-देन में किया जा सकेगा। बुकिंग का विवरण डिजिटल फॉरवर्डिंग नोट के रूप में मान्य होगा। रेल परिवहन के लिए भौतिक पार्सल वे-बिल की जरूरत नहीं होगी। डिजिटल रसीद और ओटीपी के जरिए प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
प्रत्येक पार्सल को 10 अंकों का ट्रैकिंग नंबर मिलेगा। पार्सल के ट्रेन में लोड होने, गंतव्य स्टेशन पहुंचने और डिलीवरी के लिए तैयार होने पर ग्राहक को सूचना दी जाएगी। प्राप्तकर्ता को ओटीपी सत्यापन के बाद ही पार्सल सौंपा जाएगा। रेलवे के नियमों के अनुसार पार्सल का मूल्य घोषित करने और बीमा कराने का विकल्प भी रहेगा।
15 दिन पहले तक होगी बुकिंग
ट्रेन के निर्धारित प्रस्थान से अधिकतम 15 दिन पहले और कम से कम एक दिन पहले तक पार्सल बुक किया जा सकेगा। यह सुविधा उपलब्धता पर निर्भर करेगी। पिकअप से पहले बुकिंग रद्द करने पर नियमानुसार रिफंड मिलेगा, जबकि पिकअप और डिलीवरी शुल्क की वापसी संबंधित सेवा प्रदाता की नीति के अनुसार होगी। जिन ग्राहकों ने घर तक डिलीवरी का विकल्प नहीं चुना है, उन्हें निर्धारित निशुल्क अवधि में गंतव्य स्टेशन से पार्सल लेना होगा।
व्यापारियों और किसानों को होगा फायदा
इस सुविधा से छोटे व्यापारियों, किसानों, कारीगरों और ई-कॉमर्स विक्रेताओं को अपने उत्पाद दूर-दराज के बाजारों तक पहुंचाने में सहूलियत मिलेगी। निजी लॉजिस्टिक्स कंपनियां एफबीडी पोर्टल के वर्चुअल एग्रीगेशन प्लेटफॉर्म के जरिए निर्धारित शर्तों के अनुसार इस सेवा से जुड़ सकेंगी। इससे ग्राहकों को सेवा प्रदाताओं के अधिक विकल्प मिलेंगे और स्थानीय लॉजिस्टिक्स कारोबार को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।रेलवे की इस पहल से पार्सल बुकिंग की प्रक्रिया सरल होने, कागजी औपचारिकताएं घटने और परिवहन के विभिन्न चरणों में पारदर्शिता बढ़ने की संभावना है।
प्रधान संपादक