तीनों जैन मंदिरों में मंगलाष्टक, अभिषेक और शांतिधारा; खुला प्रश्न मंच में 35 प्रतिभागियों ने दिखाया ज्ञान
CBN 36 बिलासपुर। पर्वाधिराज दशलक्षण महापर्व के तीसरे दिन शहर का जैन समाज उत्तम आर्जव धर्म की आराधना में लीन रहा। तीनों जैन मंदिरों में सुबह 6.30 बजे मंगलाष्टक के साथ अभिषेक, शांतिधारा और पूजन हुआ। इसके बाद श्रावकों ने प्रवचन का लाभ लिया। क्रांतिनगर जैन मंदिर में स्वाध्याय और शाम को सामायिक का आयोजन किया गया। इस तरह श्रावकों को दिनभर में तीन बार धर्मलाभ का अवसर मिला।
पूज्य 105 अकम्पमति माताजी एवं अचलमति माताजी के सानिध्य में हुए प्रवचन में उत्तम शौच धर्म की व्याख्या करते हुए कहा गया कि यह केवल मन की शुद्धि नहीं, बल्कि भाव और संदर्भ की शुद्धि भी है। शुद्धि प्रक्रिया है, पवित्रता अवस्था है और निर्मलता स्वभाव है।
खुला प्रश्न मंच में बच्चों ने भी लिया हिस्सा

सरकंडा महिला परिषद की ओर से उत्तम शौच धर्म विषय पर ‘खुला प्रश्न मंच’ प्रतियोगिता कराई गई। इसमें बच्चों, महिलाओं और पुरुषों सहित करीब 35 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को उपहार देकर पुरस्कृत किया गया। बच्चों के वर्ग में अवनी, आद्या, आविशी, शुवी, विद्यांशी, आयशा, अनायसा, इवान और सर्वार्थ सहित अन्य प्रतिभागियों को पुरस्कार मिले। बच्चों ने मंगलाचरण की प्रस्तुति भी दी।आयोजन में महिला परिषद अध्यक्ष अमिता गोयल, सचिव अर्पणा जैन, कोषाध्यक्ष निमिषा जैन सहित परिषद के पदाधिकारियों का सहयोग रहा।
तत्त्वार्थ सूत्र का वाचन, शाम को हुई संगीतमय आरती

महापर्व के तीसरे दिन तत्त्वार्थ सूत्र का वाचन सुकुमार जैन, विनोद जैन, प्रवीन जैन, डॉ. प्रकाशचंद जैन, राकेश जैन, सनत जैन, पंकज जैन, सत्येंद्र जैन, संदीप जैन और पदमचंद जैन ने किया। इससे पहले अभिषेक एवं शांतिधारा हुई। शाम को तीनों मंदिरों में संगीतमय आरती का आयोजन किया गया। क्रांतिनगर मंदिर में शाम को प्रवचन हुआ।
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