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July 22, 2026 11:41 pm

बिलासपुर में सियासी घमासान: कांग्रेस के सवालों पर भाजपा का पलटवार, सर्पदंश मुआवजा घोटाले में पूर्व विधायक से मांगा जवाब

बिलासपुर CBN36। बिलासपुर की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। विधानसभा में जनहित के मुद्दे नहीं उठाने का आरोप लगाकर कांग्रेस द्वारा विधायक अमर अग्रवाल से इस्तीफे की मांग किए जाने के कुछ ही घंटे बाद भाजपा ने पलटवार करते हुए करोड़ों रुपये के कथित सर्पदंश मुआवजा घोटाले को लेकर पूर्व विधायक शैलेष पांडेय से जवाब मांगा है।

भाजपा के मंडल अध्यक्ष बबलू कश्यप, शैलेन्द्र यादव, राकेश लालवानी, मनोज सोनी, श्रीनिवास राव और देवेंद्र पाठक ने संयुक्त बयान जारी कर कहा कि 17 करोड़ रुपये से अधिक के कथित सर्पदंश मुआवजा घोटाले के दौरान प्रदेश में कांग्रेस की सरकार थी और बिलासपुर का प्रतिनिधित्व कांग्रेस विधायक कर रहे थे। ऐसे में पूर्व विधायक को स्पष्ट करना चाहिए कि उस समय इस कथित फर्जीवाड़े की जानकारी उन्हें थी या नहीं।

भाजपा नेताओं ने कहा कि जांच एजेंसियां 431 संदिग्ध मुआवजा प्रकरणों की जांच कर रही हैं, जिनमें 17 करोड़ रुपये से अधिक की शासकीय राशि के कथित गबन की आशंका है। इस मामले में डॉक्टर, पुलिसकर्मी, राजस्व विभाग के कर्मचारी और बैंककर्मियों सहित कई लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। उनका दावा है कि इससे यह स्पष्ट होता है कि मामला किसी एक व्यक्ति तक सीमित नहीं, बल्कि एक संगठित नेटवर्क से जुड़ा है।

भाजपा ने आरोप लगाया कि गरीब, आदिवासी और वास्तविक पीड़ित परिवारों के लिए बनाई गई राहत योजना का दुरुपयोग किया गया और फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सरकारी राशि निकाली गई। नेताओं ने कहा कि यह केवल आर्थिक अनियमितता नहीं, बल्कि जरूरतमंदों के अधिकारों पर डाका है।

भाजपा ने पूर्व विधायक शैलेष पांडेय से कई सवाल भी पूछे हैं। पार्टी ने जानना चाहा है कि कथित फर्जीवाड़े के दौरान उन्होंने प्रशासन से कितनी बार जवाब मांगा, विधानसभा में यह मुद्दा क्यों नहीं उठाया, यदि जानकारी थी तो कार्रवाई क्यों नहीं कराई और आखिर किन लोगों के संरक्षण में यह नेटवर्क वर्षों तक संचालित होता रहा।

भाजपा नेताओं ने कहा कि वर्तमान सरकार पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करा रही है और दोषी चाहे कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, उसके खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी। उनका कहना है कि यह केवल 17 करोड़ रुपये का मामला नहीं, बल्कि जनता के भरोसे, गरीबों के अधिकारों और शासन व्यवस्था की विश्वसनीयता से जुड़ा विषय है।

उल्लेखनीय है कि इससे पहले बुधवार को कांग्रेस ने प्रेसवार्ता कर विधायक अमर अग्रवाल पर विधानसभा में बिलासपुर के मुद्दे प्रभावी ढंग से नहीं उठाने का आरोप लगाया था। पूर्व विधायक शैलेष पांडेय ने दावा किया था कि वर्तमान विधायक ने अपने कार्यकाल में विधानसभा में एक भी प्रश्न नहीं पूछा, जबकि उन्होंने अपने कार्यकाल में 392 प्रश्न उठाए थे। कांग्रेस ने जलभराव, स्मार्ट सिटी परियोजना, पेयजल, बिजली, स्वास्थ्य, शिक्षा और कानून-व्यवस्था सहित विभिन्न मुद्दों पर भाजपा सरकार और विधायक अमर अग्रवाल को घेरते हुए उनके इस्तीफे की मांग की थी।

कांग्रेस के आरोपों के जवाब में भाजपा ने अब सर्पदंश मुआवजा घोटाले का मुद्दा उठाकर राजनीतिक हमला तेज कर दिया है। इससे बिलासपुर में दोनों प्रमुख दलों के बीच सियासी टकराव और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।

रवि शुक्ला
रवि शुक्ला

प्रधान संपादक

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