

छत्तीसगढ़।डिजिटल युग में तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराधों के बीच बिलासपुर पुलिस ने जागरूकता का एक नया और प्रभावी तरीका अपनाया है। एसएसपी एवं उप पुलिस महानिरीक्षक आईपीएस रजनेश सिंह के नेतृत्व में शॉर्ट मूवी और सोशल मीडिया रील के माध्यम से आमजन को साइबर फ्रॉड से बचने के लिए जागरूक किया जा रहा है।
इस पहल की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि स्वयं एसएसपी रजनेश सिंह इन वीडियो में नजर आकर लोगों से सीधे संवाद कर रहे हैं। वे स्पष्ट संदेश दे रहे हैं कि डिजिटल अरेस्ट जैसी कोई व्यवस्था नहीं होती, यह केवल ठगों का जाल है।


वीडियो में स्कूली बच्चे अभिनय के जरिए यह दिखा रहे हैं कि किस प्रकार साइबर अपराधी आम लोगों को कॉल, लिंक या मैसेज के जरिए फंसाते हैं। बच्चों की सरल और प्रभावशाली प्रस्तुति से यह संदेश हर वर्ग तक आसानी से पहुंच रहा है।


बिलासपुर पुलिस का यह अभियान केवल साइबर अपराध तक सीमित नहीं है। चेतना अभियान ,नशा मुक्ति, और ‘ड्रिंक एंड ड्राइव’ जैसे विषयों पर भी लगातार शॉर्ट मूवी बनाकर सोशल मीडिया पर साझा की जा रही हैं। इन वीडियो को आम लोगों से अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है और ये तेजी से वायरल हो रहे हैं।


एसएसपी रजनेश सिंह ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल, लिंक या संदेश पर भरोसा न करें और किसी भी संदिग्ध स्थिति में तुरंत पुलिस से संपर्क करें। उन्होंने कहा कि सतर्कता और जागरूकता ही साइबर अपराध से बचाव का सबसे सशक्त हथियार है।सतर्क रहें, सुरक्षित रहें।
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