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August 6, 2026 10:36 am

संगम स्नान के बाद रामलला के दर्शन हेतु 1008 श्रद्धालुओं का जत्था 25 मार्च को रवाना

बिलासपुर। रामनवमी के पावन अवसर पर भक्ति और आस्था से ओत-प्रोत 1008 श्रद्धालुओं का जत्था 25 मार्च को अयोध्या धाम के लिए रवाना होगा। यह यात्रा पुलिस मैदान से दोपहर एक बजे प्रारंभ होगी। श्रद्धालु पहले प्रयागराज में त्रिवेणी संगम पर पवित्र स्नान करेंगे, तत्पश्चात अयोध्या पहुंचकर रामनवमी के दिन रामलला के दर्शन करेंगे।

यात्रा के संयोजक प्रवीण झा की अध्यक्षता में यात्रा की रूपरेखा को अंतिम रूप दिया गया। बैठक में विभिन्न समितियों का गठन कर सदस्यों को जिम्मेदारियां सौंपी गईं, ताकि यात्रा का संचालन सुव्यवस्थित ढंग से हो सके।

यात्रा की प्रमुख व्यवस्थाएं

यात्रा के लिए 25 एसी बसों एवं 15 कारों की व्यवस्था की गई है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा, चिकित्सा सुविधा और भोजन व्यवस्था का विशेष ध्यान रखा गया है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जत्था अंबिकापुर होते हुए प्रयागराज पहुंचेगा, जहां संगम स्नान के बाद अयोध्या के लिए प्रस्थान किया जाएगा। अयोध्या पहुंचने पर ठहरने और सामूहिक भोजन की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।

दिशा-निर्देश जारी

यात्रा समिति के सदस्य रौशन सिंह ने बताया कि सभी श्रद्धालुओं को 25 मार्च की सुबह 10 बजे पुलिस मैदान में अनिवार्य रूप से उपस्थित होना होगा। भगवा वस्त्र धारण करना आवश्यक रहेगा तथा आधार कार्ड एवं मूल पावती साथ लाना अनिवार्य होगा। बस में प्रवेश के लिए पहचान पत्र पहनना जरूरी रहेगा और बस इंचार्ज के निर्देशों का पालन करना होगा।

लगातार तीसरे वर्ष आयोजन

यह निःशुल्क अयोध्या यात्रा लगातार तीसरे वर्ष आयोजित की जा रही है। विगत वर्षों में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस यात्रा के माध्यम से दर्शन कर चुके हैं। अब तक 2016 भक्तों को अयोध्या धाम के दर्शन कराए जा चुके हैं। आयोजकों का उद्देश्य धार्मिक चेतना को सुदृढ़ करना और सनातन संस्कृति के प्रति आस्था को प्रोत्साहित करना है।

आस्था और अनुशासन का संदेश

यह यात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामूहिकता, अनुशासन और समर्पण का प्रतीक भी है। एक साथ 1008 श्रद्धालुओं का भगवा वेश में यात्रा करना और संगम स्नान के पश्चात सामूहिक दर्शन करना आध्यात्मिक वातावरण का सृजन करेगा।

छत्तीसगढ़ और राम का आत्मीय संबंध

छत्तीसगढ़ की लोक परंपरा में भगवान राम को ‘भांजा’ माना जाता है। जनश्रुतियों के अनुसार माता कौशल्या का मायका छत्तीसगढ़ से जुड़ा होने के कारण यहां के लोगों में राम के प्रति विशेष आत्मीयता है। यही भाव श्रद्धालुओं को अयोध्या धाम की ओर आकर्षित करता है।यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा जा रहा है और इसे सफल बनाने के लिए सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं।

रवि शुक्ला
रवि शुक्ला

प्रधान संपादक

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