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February 2, 2026 6:34 pm

बाइक चोरी कर फर्जी दस्तावेजों से बिक्री करने वाले संगठित गिरोह का पर्दाफाश, 7 आरोपी गिरफ्तार

रायगढ़, 1 फरवरी।रायगढ़ जिले में बाइक चोरी कर फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से उनकी बिक्री करने वाले एक संगठित गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया है। इस मामले में गिरोह के मुख्य आरोपी सहित कुल सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 25 चोरी की मोटरसाइकिलें, एक एप्पल लैपटॉप तथा एक कलर प्रिंटर जब्त किया है। जब्त सामग्री की अनुमानित कीमत लगभग 16 लाख रुपये बताई गई है।

एसएसपी आईपीएस शशि मोहन सिंह ने बताया कि संपत्ति संबंधी अपराधों की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत थाना पूंजीपथरा एवं साइबर थाना की संयुक्त टीम द्वारा यह कार्रवाई की गई।

उन्होंने बताया कि कार्रवाई के दौरान दो चोरी की बाइक के साथ संदिग्ध मुकेश प्रधान निवासी ग्राम रूडेकेला को पकड़ा गया। पूछताछ में उसने बाइक लैलूंगा स्थित एक ऑटो डीलर में कार्यरत पुरूषोत्तम प्रधान से खरीदे जाने की जानकारी दी।

आगे की जांच में सामने आया कि पुरूषोत्तम प्रधान ऑटो डीलर के मैनेजर चंद्र कुमार यादव के साथ मिलकर बाइक चोर मुकेश चौहान से चोरी की गई मोटरसाइकिलें खरीदता था। इसके बाद आरटीओ में पूर्व में कंप्यूटर ऑपरेटर रह चुके अजय पटेल और संजय अगरिया की मदद से लोक सेवा केंद्र के माध्यम से वाहनों के फर्जी दस्तावेज और फर्जी पंजीयन तैयार कर उन्हें बाजार में बेचा जाता था।

एसएसपी ने बताया कि मुख्य आरोपी मुकेश चौहान ने स्वीकार किया है कि उसने अपने साथी विकेश दास महंत वर्तमान में जेल में निरुद्ध के साथ मिलकर पूंजीपथरा, तमनार, घरघोड़ा एवं रायगढ़ क्षेत्र से करीब 25 मोटरसाइकिलें चोरी की हैं, जिनमें अधिकांश एचएफ डीलक्स मॉडल की हैं। विकेश दास महंत पूर्व में भी बाइक चोरी के मामलों में जेल जा चुका है।

फर्जी आरसी तैयार करने के लिए अजय पटेल चोरी की बाइक के चेचिस नंबर के आधार पर वास्तविक मालिक की जानकारी प्राप्त करता था तथा पीबीसी कार्ड मंगवाकर कंप्यूटर में हेरफेर कर हूबहू फर्जी आरसी तैयार कर प्रिंट करता था। उसके पास से लैपटॉप, प्रिंटर एवं अन्य संबंधित सामग्री जब्त की गई है।

पुलिस के अनुसार, बरामद तीन बाइक थाना पूंजीपथरा के अपराध क्रमांक 05/2026, 09/2026 एवं 10/2026 (धारा 303(2) बीएनएस) से संबंधित पाई गई हैं। अन्य मोटरसाइकिलों के वास्तविक मालिकों की पहचान की जा रही है। संगठित रूप से अपराध किए जाने के कारण प्रकरण में धारा 112(2) बीएनएस के साथ-साथ फर्जी दस्तावेज तैयार करने से संबंधित धारा 317(2) एवं 336(3) बीएनएस जोड़ी गई है। सभी आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।

एसएसपी शशि मोहन सिंह ने आम नागरिकों से अपील की कि सेकेंड हैंड वाहन खरीदते समय आरसी बीमा एवं अन्य दस्तावेजों की विधिवत जांच अवश्य करें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें।

रवि शुक्ला
रवि शुक्ला

प्रधान संपादक

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