बिलासपुर। शहर में साइबर ठगों का दुस्साहस लगातार बढ़ता जा रहा है। ताजा मामले में ठगों ने एक डॉक्टर का वाट्सऐप अकाउंट हैक कर उनके परिचित व्यवसायी से 80 हजार रुपये की ठगी कर ली। पीड़ित की शिकायत पर थाना सिविल लाइन पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार सिविल लाइन क्षेत्र के रिंग रोड स्थित पारिजात कैसल में रहने वाले प्रतीक अग्रवाल (38) व्यवसायी हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि सोमवार दोपहर करीब 2.36 बजे उनके वाट्सऐप पर उनके परिचित डॉक्टर के मोबाइल नंबर से एक मैसेज आया। मैसेज में डॉक्टर ने तत्काल 80 हजार रुपये की आवश्यकता बताते हुए एक मोबाइल नंबर पर यूपीआई के माध्यम से राशि ट्रांसफर करने का आग्रह किया।
मैसेज आने पर प्रतीक को थोड़ी शंका हुई, जिसके चलते उन्होंने संबंधित डॉक्टर को कॉल लगाने की कोशिश की। कॉल नहीं लगने पर उन्होंने वाट्सऐप पर ही रिप्लाई किया। कुछ ही देर बाद सामने से रिप्लाई आया कि अभी बात करना संभव नहीं है और थोड़ी देर में कॉल किया जाएगा। भरोसे में आकर प्रतीक ने दिए गए यूपीआई नंबर पर 80 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। रुपये ट्रांसफर करने के कुछ ही समय बाद प्रतीक को ठगी का आभास हुआ। उन्होंने दोबारा डॉक्टर से संपर्क करने की कोशिश की। बाद में जब सीधे डॉक्टर से बात हुई, तब पता चला कि उनका वाट्सऐप अकाउंट हैक कर लिया गया है और उसी के जरिए उनके परिचितों से पैसे मांगे जा रहे हैं। घटना की जानकारी मिलते ही प्रतीक अग्रवाल ने थाना सिविल लाइन पहुंचकर पूरे मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने अज्ञात साइबर ठगों के खिलाफ धोखाधड़ी और आईटी एक्ट की धाराओं के तहत जुर्म दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि ठगों द्वारा जिस यूपीआई अकाउंट में पैसे ट्रांसफर कराए गए हैं, उसकी जानकारी जुटाई जा रही है। साथ ही मोबाइल नंबर और डिजिटल ट्रांजेक्शन के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।
पुलिस की अपील
पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी परिचित के नाम से आए मैसेज पर बिना पुष्टि किए पैसे ट्रांसफर न करें। खासकर आपात स्थिति बताकर पैसे मांगने वाले मैसेज की पहले फोन या प्रत्यक्ष बातचीत से पुष्टि जरूर करें, ताकि साइबर ठगी से बचा जा सके।
प्रधान संपादक

