बिलासपुर। फर्जी दस्तावेजों और पावर ऑफ अटॉर्नी के सहारे 13 एकड़ से अधिक जमीन का सौदा कर 11 लाख रुपये की ठगी करने का मामला सामने आया है। जालसाजों ने जमीन की असली मालकिन की जगह एक फर्जी महिला को खड़ा कर सौदेबाजी की और एडवांस रकम हड़प ली। सिविल लाइन पुलिस ने प्रॉपर्टी डीलर की शिकायत पर महिला सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धाराओं में अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

सिविल लाइन थाना क्षेत्र के जरहाभाठा स्थित एकता कॉलोनी निवासी अमित भास्कर (44) ने पुलिस को बताया कि वे प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करते हैं। जनवरी 2025 में कोटा रोड भरारी निवासी सूर्या साहू उनसे संपर्क में आई और तखतपुर क्षेत्र के ग्राम खम्हरिया में स्थित करीब 13.40 एकड़ जमीन बेचने की पेशकश की। सूर्या साहू ने जमीन के दस्तावेज दिखाते हुए उसकी फोटोकॉपी दी और मौके पर ले जाकर जमीन भी दिखाई। जब अमित ने जमीन की असली मालकिन से मिलने की बात कही तो सूर्या साहू ने यह कहकर टाल दिया कि मालकिन बुजुर्ग हैं और उन्होंने जमीन का रजिस्टर्ड पावर ऑफ अटॉर्नी दे रखा है। इसके बाद सुधीर सैनी और पावर ऑफ अटॉर्नी धारक संदीप बंजारे को अमित के कार्यालय लाया गया। दस्तावेजों के आधार पर 12 फरवरी 2025 को प्रति एकड़ 70 लाख रुपये के हिसाब से जमीन का सौदा तय किया गया। इकरारनामा पर हस्ताक्षर होते ही अमित भास्कर ने चेक और ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के माध्यम से 11 लाख रुपये एडवांस भुगतान कर दिया। 15 फरवरी को उन्होंने अखबार में सार्वजनिक सूचना भी प्रकाशित कराई, जिस पर कोई आपत्ति दर्ज नहीं हुई। हालांकि, रजिस्ट्री से पहले दोबारा जांच करने पर आसपास के जमीन मालिकों ने बताया कि उक्त जमीन की असली मालकिन कोई और है और वह जमीन बेचना ही नहीं चाहती। कुछ ही दिनों बाद असली मालकिन ने जमीन पर बिकाऊ नहीं है का बोर्ड भी लगवा दिया। इसके बाद जब अमित ने सूर्या साहू और उसके साथियों से संपर्क करने की कोशिश की तो सभी ने कॉल रिसिव करना बंद कर दिया। ठगी का एहसास होने पर पीड़ित ने सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले में जुर्म दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
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