बिलासपुर।प्रदेश में बदहाल सड़कों को लेकर छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने कड़ा रुख अपनाया है। सड़क निर्माण और रखरखाव में लापरवाही पर नाराजगी जताते हुए हाईकोर्ट ने लोक निर्माण विभाग के सचिव को दो दिन के भीतर स्थिति स्पष्ट करने का निर्देश दिया है। न्यायालय ने साफ कहा कि जनसुविधाओं से जुड़ा यह मामला गंभीर है और इसमें किसी भी तरह की ढिलाई स्वीकार्य नहीं होगी।
सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि पूर्व में दिए गए निर्देशों के बावजूद सड़कों की स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है। अदालत को यह भी बताया गया कि पिछली सुनवाई में सचिव को शपथपत्र प्रस्तुत करना था, लेकिन निर्धारित समय में यह दाखिल नहीं किया गया। इस पर न्यायालय ने शासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए और जवाबदेही तय करने की आवश्यकता जताई।
मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने कहा कि बिजली, पानी और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाएं आम जनता के जीवन से सीधे जुड़ी हैं। यदि इन्हें लेकर जिम्मेदार अधिकारी ही गंभीर नहीं हैं, तो यह स्थिति चिंताजनक है। अदालत ने शासन से यह भी स्पष्ट करने को कहा है कि सड़कों की मरम्मत और निर्माण को लेकर अब तक क्या ठोस कदम उठाए गए हैं।
हाईकोर्ट ने शासन को दो दिन का अंतिम अवसर देते हुए निर्देशित किया है कि संबंधित सचिव शपथपत्र के माध्यम से वस्तुस्थिति रखें। मामले की अगली सुनवाई निर्धारित तिथि पर होगी। न्यायालय ने यह भी संकेत दिए हैं कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर कड़े आदेश जारी किए जा सकते हैं।
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