बिलासपुर। पुलिस बल आरक्षक संवर्ग भर्ती प्रक्रिया वर्ष 2023-24 के अन्तर्गत भारी गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए दायर 10 याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने शासन से तीन सप्ताह में जवाब मांगा है। आरक्षक भर्ती के इन उम्मीदवारों द्वारा 12 दिसंबर को जारी परिणाम पर सवाल उठाते हुए याचिकाएं दायर की गई हैं। इसमें कहा गया था कि चयन और प्रतीक्षा सूची में अभ्यर्थियों द्वारा अर्जित प्राप्तांकों का उल्लेख नहीं किया गया था, बाद में 14 दिसंबर को फिर से लिस्ट जारी की गई। इसके साथ ही एक ही अभ्यर्थी का कई जिलों में चयन होने और कम प्राप्तांक पाने वाले अभ्यर्थियों का चयन होने का आरोप लगाया गया। याचिका में प्रमुख रूप से छत्तीसगढ़ पुलिस भर्ती नियम 2007 का भर्ती प्रक्रिया में पालन नहीं करने एक ही उम्मीदवार अभ्यर्थी द्वारा विभिन्न जिलों से शारीरिक दक्षता परीक्षण में भाग लेने और उन सारे जिलों से उस उम्मीदवार अभ्यर्थी का नाम अंतिम सूची में प्रकाशन करने पर आपत्ति की गई थी । इसके साथ ही एडवोकेट ने यह भी कहा कि, 5967 पदों को विज्ञापित किया गया परंतु सिर्फ करीब 2500 लोगों को ही चयनित किया गया है। मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद जस्टिस पार्थ प्रतिम साहू ने इस नियुक्ति प्रक्रिया पर शासन से तीन सप्ताह में जवाब तलब किया है। अगली सुनवाई जनवरी के अंतिम सप्ताह में होगी ।
छत्तीसगढ़ पुलिस भर्ती नियम 2007 का भर्ती प्रक्रिया में पालन न करना। भर्ती प्रक्रिया में नियम 2007 का उल्लंघन । एक ही एक उम्मीदवार अभ्यर्थी जिसने विभिन्न जिलों से शारीरिक दक्षता परीक्षण में भाग लिया था, उन सारे जिलों से उसके नाम का अंतिम सूची में प्रकाशन । 4.5967 पदों को विज्ञापित कर परंतु सिर्फ 2500 लोगों का चयन। इन सब विषयों पर आपत्ति दर्ज कराई है।
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