रायपुर, 28 नवंबर 2025।छत्तीसगढ़ सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति 2025 तथा पूना मारगेम पुनर्वास से पुनर्जीवन पहल के सकारात्मक परिणाम बस्तर में निरंतर दिखाई दे रहे हैं। इसी क्रम में दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी के वरिष्ठ सदस्य और 25 लाख के इनामी चैतू उर्फ़ श्याम दादा समेत कुल 10 माओवादियों ने आज आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया है। इन सभी पर कुल 65 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इसे बस्तर में बदलती परिस्थितियों और सरकार की नीतियों की सफलता का ठोस संकेत बताया। उन्होंने कहा कि मानवीय और संवेदनशील दृष्टिकोण से लागू की गई पुनर्वास नीति ने माओवादी संगठन के भ्रमजाल में फँसे अनेक युवाओं को हिंसा का रास्ता छोड़कर विकास की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित किया है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि आत्मसमर्पित सभी व्यक्तियों को सुरक्षित, सम्मानजनक और आत्मनिर्भर जीवन सुनिश्चित करने के लिए सरकार पुनर्वास संबंधी सभी आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराएगी। उन्होंने बताया कि बढ़ती आत्मसमर्पण की संख्या इस बात का प्रमाण है कि जनता सरकार की नीतियों पर भरोसा कर रही है और बस्तर स्थायी शांति, सुरक्षा और विकास की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।
राज्य सरकार के अनुसार, यह उपलब्धि प्रभावी रणनीति, पुलिस एवं सुरक्षा बलों के सतत प्रयास और स्थानीय समुदायों के बढ़ते विश्वास का सामूहिक परिणाम है। प्रशासन का मानना है कि यह कदम आने वाले समय में बस्तर में स्थायी शांति स्थापना की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।
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