जवाब नहीं मिला तो बड़े आंदोलन की चेतावनी,सड़क किसके लिए? ‘विशेष लाभार्थियों’ पर कांग्रेस का संदेह
बिलासपुर।अरपा नदी के दोनों किनारों पर प्रस्तावित 80 से 100 करोड़ रुपये की कथित सड़क परियोजना को लेकर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। जिला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण ने इस परियोजना को जनता से छुपाकर तैयार की गई योजना बताते हुए राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष विजय केशवरवानी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि यह परियोजना न तो सार्वजनिक आवश्यकता से जुड़ी है और न ही किसी घोषित योजना का हिस्सा है।
कांग्रेस का आरोप-विशेष लाभार्थियों’ के लिए बनाई जा रही सड़क
विजय केसरवानी ने दावा किया कि जहां सड़क बनाई जा रही है, वह क्षेत्र एकांत वीरान और उपयोगहीन ज़ोन है, जहाँ न जनसंख्या है और न ट्रैफिक का दबाव। कमेटी का कहना है कि सड़क आगे जाकर निजी ज़मीनों पर रुक जाती है, जिससे परियोजना के पीछे निजी हितों की संभावना मजबूत होती है।
100 करोड़ की लागत पर सवाल, स्मार्ट सिटी फंड दुरुपयोग का आरोप

जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि जब शहर की प्रमुख कॉलोनियों और ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कें वर्षों से जर्जर हैं, तब अरपा किनारे सुनसान क्षेत्र में 80–100 करोड़ रुपये की लागत से सड़क बनाना समझ से परे है।
कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि स्मार्ट सिटी फंड का उपयोग ऐसे क्षेत्र में किया जा रहा है, जो स्मार्ट सिटी सीमा में आता ही नहीं। कमेटी के अनुसार यह कदम फंड के दुरुपयोग और संभावित भ्रष्टाचार की ओर संकेत करता है।
बिना अनुमति और प्रक्रिया के परियोजना आगे बढ़ाने का दावा
कांग्रेस का आरोप है कि परियोजना को बिना सार्वजनिक सूचना, जन-सुनवाई, पर्यावरण अनुमति और नदी तट क्षेत्र नियमन के अनिवार्य प्रक्रियाओं का पालन किए बिना आगे बढ़ाया जा रहा है। कमेटी ने सवाल उठाया कि परियोजना की डीपीआर अब तक सार्वजनिक क्यों नहीं की गई? इसके साथ ही केंद्रीय मंत्री तोखन साहू, उपमुख्यमंत्री अरुण साव और स्थानीय विधायक की चुप्पी पर भी सवाल उठाए गए।
जर्जर शहर की सड़कों की ओर ध्यान आकृष्ट
कांग्रेस ने कहा कि शहर में धूलभरी, गड्ढेदार और खराब निर्माण वाली सड़कों के चलते दुर्घटनाएँ बढ़ रही हैं, लेकिन प्रशासन इनकी अनदेखी कर रहा है। कमेटी ने पूछा,जब शहर की मूलभूत सड़कों के लिए फंड नहीं, तो वीरान इलाके में 100 करोड़ रुपये क्यों खर्च किए जा रहे हैं?
कांग्रेस की तीन प्रमुख माँगें

कांग्रेस ने शासन-प्रशासन से इन सवालों के स्पष्ट जवाब माँगे हैं ,अरपा किनारे बनने वाली 80 फीट चौड़ी सड़क की डीपीआर सार्वजनिक की जाए।परियोजना की वास्तविक स्थिति शासन से क्यों छुपाई गई? सड़क निजी जमीन पर आकर क्यों रुक जाती है और इससे लाभ किसे मिलने वाला है? कमेटी ने चेतावनी दी कि यदि इन सवालों का संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया, तो कांग्रेस बड़े पैमाने पर आंदोलन, धरना और विरोध प्रदर्शन करेगी।
अरपा किनारे प्रस्तावित सड़क परियोजना को लेकर उठे इन गंभीर आरोपों के बाद अब नजर इस बात पर है कि सरकार और स्थानीय प्रशासन पारदर्शिता के सवालों पर क्या स्पष्टीकरण देता है और 100 करोड़ रुपये की इस विवादित परियोजना का भविष्य किस दिशा में बढ़ता है।
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