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June 13, 2026 1:17 pm

हाई कोर्ट ने सरकार से पूछा, कब तक पूरी होगी सीबीआई की जांच


बिलासपुर। छत्तीसगढ़ पीएससी-2021 की परीक्षा में चयनित बेदाग अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने सिंगल बेंच के आदेश के खिलाफ राज्य शासन ने हाईकोर्ट के डिवीजन बेंच में अपील की है। इस पर सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा व जस्टिस बीडी गुरु की डिवीजन बेंच ने शासन से पूछा है कि सीबीआई की जांच कब तक पूरी हो जाएगी। शासन से अगली सुनवाई में स्टेटस रिपोर्ट मंगाई है, जो 6 नवम्बर को होगी। अभी सीबीआई को पक्षकार नहीं बनाया गया है। इससे पहले सीजी पीएससी ने 26 नवंबर 2021 को 171 पदों के लिए विज्ञापन जारी किया था, जिसमें डिप्टी कलेक्टर, डीएसपी, लेखाधिकारी, जेल अधीक्षक, नायब तहसीलदार समेत 20 सेवाओं में सीधी भर्ती होनी थी। 11 मई 2023 को नतीजे घोषित किए गए। चयन प्रक्रिया में शामिल कई अभ्यर्थियों ने अंतिम मेरिट सूची में जगह बनाई। इस बीच परीक्षा में धांधली और पीएससी के अध्यक्ष समेत कई पदाधिकारियों के रिश्तेदारों के चयन का आरोप लगा
इसके बाद राज्य सरकार ने सीबीआई को जांच की जिम्मेदारी सौंप दी। इधर सीबीआई जांच के चलते नियुक्ति आदेश रोक दिए गए, जिससे चयनित लेकिन निर्दोष अभ्यर्थी भी नियुक्ति से वंचित हो गए। इसे लेकर 60 से अधिक अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट में याचिका लगाकर कहा कि वे योग्यता के बलबूते चयनित हुए हैं, उनके खिलाफ कोई एफआईआर नहीं है, नियुक्ति नहीं देना अनुचित है। जस्टिस अमितेंद्र किशोर प्रसाद की सिंगल बेंच ने फैसले में निर्देश दिए थे कि, सीबीआई जांच में जिन अभ्यर्थियों के खिलाफ अब तक कोई विपरीत तथ्य सामने नहीं आए हैं, और जिनका नाम चार्जशीट में नहीं है, उन्हें वैधता अवधि के भीतर यानी 60 दिनों के भीतर नियुक्ति पत्र जारी करें। इस आदेश के खिलाफ राज्य शासन ने हाईकोर्ट में अपील की। आज चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा व जस्टिस बीडी गुरु की डिवीजन बेंच में सुनवाई हुई।

रवि शुक्ला
रवि शुक्ला

प्रधान संपादक

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