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September 5, 2026 6:21 pm

कोयला घोटाले से बनाई संपत्ति, ईडी की कार्रवाई के खिलाफ हाई कोर्ट में दायर याचिका पर सुनवाई पूरी

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित कोयला लेवी घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा की गई संपत्तियों की कुर्की को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई के बाद चीफ जस्टिस रमेश कुमार सिन्हा और बीडी गुरु की डिवीजन बेंच ने फैसला सुरक्षित रख लिया है।
मामले में ईडी ने 30 जनवरी 2025 को पीएमएलए एक्ट 2002 के तहत करीब 49.73 करोड़ रुपये मूल्य की 100 से अधिक चल-अचल संपत्तियां अस्थायी रूप से अटैच की थीं। इनमें बैंक बैलेंस, नकदी, वाहन, आभूषण और भूमि आदि शामिल हैं। कुर्क की गई संपत्तियों में सूर्यकांत तिवारी, उनके भाई रजनीकांत तिवारी, कैलाशा तिवारी और दिव्या तिवारी, पूर्व उपसचिव सौम्या चौरसिया, उनके भाई अनुराग चौरसिया, मां शांति देवी और पूर्व आइएएस समीर विश्नोई से जुड़ी संपत्तियां भी शामिल हैं।
इस संपत्ति कुर्की के खिलाफ ईडी की कार्रवाई को याचिकाकर्ताओं ने कोर्ट में चुनौती दी थी। इन याचिकाओं में केजेएसएल कोल पावर और इंद्रमणि मिनरल्स की ओर से भी अपील दाखिल की गई थी। कुल 10 याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई हुई। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता हर्षवर्धन परगनिहा, निखिल वार्ष्णेय, शशांक मिश्रा, अभ्युदय त्रिपाठी सहित अन्य ने पक्ष रखा। वहीं ईडी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता डा. सौरभ कुमार पांडे ने तर्क प्रस्तुत किए। सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने कहा कि अब इस पर विचार कर जल्द निर्णय सुनाया जाएगा। अब पूरे राज्य की निगाहें हाई कोर्ट के उस फैसले पर टिकी हैं, जिससे कोयला घोटाले की दिशा और आगे की कार्रवाई तय होगी।

रवि शुक्ला
रवि शुक्ला

प्रधान संपादक

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