
पंडवानी महासम्मेलन में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की बड़ी घोषणाएं, 70 लोककला दलों को मिलेंगे 25-25 हजार रुपये
CBN36 रायपुर। छत्तीसगढ़ की विश्वविख्यात पंडवानी गायिका पद्म विभूषण तीजन बाई की कला-साधना और सांस्कृतिक विरासत को चिरस्थायी बनाने के लिए राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण पहल की है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अंतर्राष्ट्रीय कलाकार दिवस के अवसर पर दुर्ग जिले के अहिवारा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बानबरद में आयोजित पंडवानी महासम्मेलन में घोषणा की कि तीजन बाई के नाम पर इसी वर्ष से लोककला अलंकरण प्रदान किया जाएगा। इसके साथ ही उनके गृह ग्राम गनियारी को कला ग्राम के रूप में विकसित करने की पहल की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की लोककलाएं प्रदेश की पहचान, इतिहास और सांस्कृतिक परंपराओं की जीवंत अभिव्यक्ति हैं। इनका संरक्षण करना और नई पीढ़ी तक पहुंचाना सरकार के साथ समाज की भी जिम्मेदारी है। राज्य सरकार लोककलाओं के संवर्धन के साथ कलाकारों को प्रोत्साहित करने और उन्हें व्यापक मंच उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
तीजन बाई ने पंडवानी को दिलाई वैश्विक पहचान
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पंडवानी की महान कलाकार पद्म विभूषण तीजन बाई को याद करते हुए कहा कि उन्होंने अपनी असाधारण प्रतिभा और वर्षों की साधना से छत्तीसगढ़ की पंडवानी को विश्व पटल पर प्रतिष्ठित किया। पंडवानी ऐसी विशिष्ट लोकविधा है, जिसमें कलाकार गायन, अभिनय और भाव-भंगिमाओं के माध्यम से महाभारत की कथा और उसके पात्रों को जीवंत कर देता है।
उन्होंने कहा कि तीजन बाई की विरासत को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने के उद्देश्य से उनके गृह ग्राम गनियारी को कला ग्राम के रूप में विकसित किया जाएगा। साथ ही, वहां के हाईस्कूल का नामकरण भी तीजन बाई के नाम पर करने की पहल की जाएगी। उनके नाम पर दिया जाने वाला लोककला अलंकरण प्रदेश के कलाकारों को अपनी परंपराओं को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित करेगा।
70 लोककला दलों को 25-25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि

पंडवानी महासम्मेलन में लोक कलाकारों को प्रोत्साहित करते हुए मुख्यमंत्री ने 70 दलों को 25-25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की। इन दलों में पंडवानी कलाकारों के साथ चार पंथी दल और तीन आदिवासी नृत्य दल भी शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोक कलाकार छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को जीवंत बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उनके कला-कौशल को प्रोत्साहन देना और उनकी प्रतिभा को व्यापक मंच उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
बानबरद को हाईस्कूल की सौगात, अहिवारा में बनेगी बीटी रोड
मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के विकास से जुड़ी घोषणाएं करते हुए मिडिल स्कूल बानबरद को हाईस्कूल में उन्नत करने की घोषणा की। इसके अलावा अहिवारा रेलवे क्रॉसिंग से अटल परिसर तक बीटी रोड का निर्माण कराया जाएगा। इन घोषणाओं से क्षेत्र में शिक्षा और सड़क अधोसंरचना को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
छत्तीसगढ़ी सिनेमा को बढ़ावा देने की तैयारी
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार छत्तीसगढ़ी सिनेमा और स्थानीय कलाकारों के लिए भी नए अवसर तैयार कर रही है। इसी उद्देश्य से छत्तीसगढ़ फिल्म विकास बोर्ड का गठन किया गया है। नवा रायपुर में फिल्म सिटी विकसित करने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि फिल्म सिटी के विकास से प्रदेश में फिल्म निर्माण की गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। इससे स्थानीय कलाकारों, युवाओं और फिल्म जगत से जुड़े लोगों के लिए रोजगार तथा रचनात्मक अवसरों के नए रास्ते खुलेंगे।
46 वर्षों से लोककला संरक्षण में जुटा ज्ञानश्रोत कला मंच
मुख्यमंत्री ने ज्ञानश्रोत कला मंच के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि किसी संस्था का लगातार 46 वर्षों तक लोककला और संस्कृति के संरक्षण के लिए कार्य करना बड़ी उपलब्धि है। इस मंच ने कलाकारों को मंच देने, लोककलाओं को जीवंत रखने और नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
उन्होंने पद्मश्री डॉ. उषा बारले और ज्ञानश्रोत लोककला मंच से जुड़े सभी लोगों को सफल आयोजन के लिए बधाई दी।
कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि पंडवानी, पंथी, भरथरी, ददरिया और सुवा जैसी लोकविधाएं छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक आत्मा हैं। ये कलाएं प्रदेश की सामाजिक परंपराओं और जीवनशैली का अभिन्न हिस्सा हैं। उन्होंने कलाकारों से महासम्मेलन की परंपरा को आगे भी इसी उत्साह के साथ जारी रखने का आह्वान किया।
विधायक रिकेश सेन ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। पद्मश्री डॉ. उषा बारले ने स्वागत उद्बोधन देते हुए कलाकारों से जुड़ी विभिन्न मांगों की ओर मुख्यमंत्री का ध्यान आकर्षित किया।
इस अवसर पर दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर, साजा विधायक ईश्वर साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधि, प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे लोक कलाकार और बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
प्रधान संपादक