
“रायपुर में विभिन्न गरबा उत्सवों में शामिल हुए मुख्यमंत्री, दुर्गा पूजा पंडालों में किए दर्शन ,महतारी वंदन से 68 लाख महिलाओं को हर माह मिल रहे एक हजार रुपये”
CBN36 रायपुर, 19 अक्टूबर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि गरबा महोत्सव हमारी समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा और मातृशक्ति के सम्मान का प्रतीक है। नवरात्रि का पर्व शक्ति स्वरूपा मां दुर्गा की आराधना के साथ सामाजिक एकता, प्रेम और सद्भाव का संदेश देता है। राज्य सरकार महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और आर्थिक सशक्तीकरण के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री राजधानी रायपुर में आयोजित विभिन्न गरबा महोत्सवों और दुर्गा पूजा आयोजनों में शामिल हुए। उन्होंने दुर्गा पूजा पंडालों में मां दुर्गा के दर्शन कर प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इस दौरान वे माना बाजार सार्वजनिक दुर्गा पूजा समिति और सार्वजनिक श्री श्री दुर्गा पूजा समिति के पंडालों में पहुंचे।

इसके बाद मुख्यमंत्री हुकुम ललित महल में आयोजित ‘रास गरबा विथ भजन डांडिया’, रामबाग के रास गरबा, पचपेड़ी नाका स्थित राम मंगलम लॉन में आयोजित ‘सोरठी रंग रंगीलो’ और शंकर नगर के बीटीआई मैदान में आयोजित ‘संकल्प गरबा’ उत्सव में शामिल हुए। विभिन्न आयोजनों में श्रद्धालुओं ने उनका स्वागत किया।
68 लाख महिलाओं को हर महीने मिल रही सहायता
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महतारी वंदन योजना के तहत प्रदेश की लगभग 68 लाख महिलाओं के बैंक खातों में हर महीने एक हजार रुपये की सहायता राशि सीधे भेजी जा रही है। इससे महिलाएं अपनी जरूरतों के संबंध में निर्णय लेने में सक्षम हो रही हैं। यह राशि बच्चों की शिक्षा और घरेलू जरूरतों को पूरा करने में भी मददगार साबित हो रही है।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक सहायता देने के साथ उन्हें आत्मनिर्भर बनाना भी है। प्रदेश में अब तक 14 लाख महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। स्व-सहायता समूहों और आजीविका गतिविधियों के माध्यम से महिलाओं के लिए आर्थिक प्रगति के नए अवसर तैयार किए जा रहे हैं।
नारी शक्ति के सम्मान का पर्व है नवरात्रि
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति में नारी को शक्ति का स्वरूप माना गया है। नवरात्रि मातृशक्ति की गरिमा, सम्मान और समाज निर्माण में उनके योगदान को याद करने का अवसर है। जब महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर होती हैं और निर्णय प्रक्रिया में भागीदारी निभाती हैं, तो परिवार के साथ पूरा समाज मजबूत होता है।
उन्होंने कहा कि गरबा गुजरात की सांस्कृतिक परंपरा से निकला ऐसा उत्सव है, जिसने पूरे देश में लोकप्रियता हासिल की है। यह भारत की विविधता में एकता का प्रतीक है। ऐसे आयोजन अलग-अलग समाजों और पीढ़ियों को जोड़ने के साथ नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और परंपराओं से परिचित कराते हैं।
शक्तिपीठों का किया जा रहा विकास
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ माता कौशल्या की धरती है। मां दंतेश्वरी, मां बम्लेश्वरी, मां महामाया और मां चंद्रहासिनी जैसे प्रमुख देवी स्थलों के कारण प्रदेश की अलग आध्यात्मिक पहचान है। नवरात्रि में दंतेवाड़ा से डोंगरगढ़ और रतनपुर से चंद्रपुर तक श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या माता के दर्शन के लिए पहुंचती है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के साथ प्रमुख देवी शक्तिपीठों के विकास पर काम कर रही है। इसका उद्देश्य श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना और इन स्थलों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना है।
विकास के साथ विरासत का संरक्षण जरूरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विकास और विरासत को साथ लेकर आगे बढ़ रहा है। छत्तीसगढ़ सरकार भी प्रदेश के सर्वांगीण विकास के साथ सांस्कृतिक और आध्यात्मिक धरोहरों के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि आधुनिक विकास की यात्रा में संस्कृति और परंपराएं पीछे नहीं छूटनी चाहिए। हमारी विरासत ही विकसित छत्तीसगढ़ की पहचान और ताकत बने, यही सरकार का प्रयास है।
बस्तर में अब गूंज रही खुशहाली के मांदर की थाप : केदार कश्यप

कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप ने प्रदेशवासियों को शारदीय नवरात्रि की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ी गई है। इसके परिणामस्वरूप बस्तर शांति, विश्वास और विकास के नए दौर में प्रवेश कर रहा है।
उन्होंने कहा कि बस्तर में जहां पहले बारूद और बम के धमाकों की आवाज सुनाई देती थी, वहां अब खुशहाली के मांदर की थाप गूंज रही है। क्षेत्र में शांति स्थापित होने से जनजातीय संस्कृति, परंपराओं और लोकजीवन को नई पहचान मिल रही है।
गरबा आयोजनों में पारंपरिक परिधानों में सजे प्रतिभागियों ने गरबा और डांडिया की आकर्षक प्रस्तुतियां दीं। भक्ति गीतों और पारंपरिक संगीत के बीच लोगों ने उत्साह के साथ पर्व मनाया। मुख्यमंत्री ने आयोजन समितियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन सामाजिक समरसता को मजबूत करते हैं।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री खुशवंत साहेब, विधायक मोतीलाल साहू, छत्तीसगढ़ नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, सिंधी समाज के अमित चिमनानी और महेश दरयानी, दशा सोरठिया वाणिक समाज के नितिन ढोलकिया सहित विभिन्न समाजों के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
प्रधान संपादक