बिलासपुर न्यायालय ने सुनाई सजा, 26 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया
CBN36 बिलासपुर, 16 अक्टूबर 2026। जिले में खनिजों के अवैध उत्खनन और परिवहन के खिलाफ चलाए गए विशेष अभियान के तहत दर्ज एक मामले में न्यायालय ने जेसीबी ऑपरेटर अनिल कुमार गौलिया को तीन वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। विशेष न्यायाधीश, खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, बिलासपुर ने आरोपी पर कुल 26 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
खनिज विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देश पर 15 जून 2025 से जिले में खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण पर रोक लगाने के लिए विशेष अभियान चलाया गया था। इस दौरान खनिज, राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त कार्रवाई में कुल 66 प्रकरणों में जिले के विभिन्न थानों में एफआईआर दर्ज कराई गई थी।
इसी अभियान के तहत 17 जून 2025 को नगोई घाट स्थित अरपा नदी से जेसीबी वाहन क्रमांक CG 11 AB 3246 के माध्यम से रेत का अवैध परिवहन किए जाने का मामला सामने आया था। कार्रवाई के दौरान वाहन को पुलिस चौकी बेलगहना की अभिरक्षा में रखा गया। इस मामले में करगीरोड कोटा डाकबंगला निवासी अनिल कुमार गौलिया, पिता तिलक राम गौलिया, के विरुद्ध प्रकरण दर्ज किया गया था।
दो अलग-अलग कानूनी प्रावधानों के तहत सजा
मामले की सुनवाई के बाद न्यायालय ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 303(2), सहपठित धारा 3(5) के अंतर्गत आरोपी को तीन वर्ष के कठोर कारावास और एक हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया। वहीं, खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 की धारा 4(1), 4(1क) एवं 21 के तहत 25 हजार रुपये का अतिरिक्त अर्थदंड लगाया गया। इस प्रकार कुल अर्थदंड की राशि 26 हजार रुपये है।
खनिज विभाग के अनुसार, अवैध उत्खनन और परिवहन के मामलों में की जा रही कार्रवाई का उद्देश्य खनिज संपदा के अनधिकृत दोहन पर अंकुश लगाना और इस गतिविधि में संलिप्त लोगों को हतोत्साहित करना है। न्यायालय के इस फैसले को जिले में अवैध खनन के विरुद्ध जारी कार्रवाई के महत्वपूर्ण परिणाम के रूप में देखा जा रहा है।
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