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October 16, 2026 11:35 pm

सीएम हेल्पलाइन 1076 से आम जनता की समस्याओं का हो रहा त्वरित समाधान, अब तक 2.05 लाख शिकायतों का निराकरण

2.31 लाख से अधिक शिकायतें दर्ज, 88.85 प्रतिशत का हुआ समाधान; मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने की व्यवस्था की समीक्षा

किसी को मिली आवास की लंबित किस्त, तो नौ माह से रुकी पेंशन हुई शुरू; ट्रांसफॉर्मर बदलने से 80 से अधिक परिवारों को मिली राहत

CBN36 रायपुर, 16 अक्टूबर 2026। आम जनता की समस्याओं के त्वरित और प्रभावी समाधान में छत्तीसगढ़ सरकार की सीएम हेल्पलाइन 1076 महत्वपूर्ण माध्यम बनकर उभर रही है। इस हेल्पलाइन के जरिए अब तक 2 लाख 31 हजार 850 शिकायतें दर्ज की गई हैं, जिनमें से 2 लाख 5 हजार 996 शिकायतों का निराकरण किया जा चुका है। इस तरह कुल शिकायतों में से 88.85 प्रतिशत का समाधान हुआ है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इन शुरुआती परिणामों को उत्साहजनक बताते हुए कहा कि हेल्पलाइन के माध्यम से शासन और जनता के बीच विश्वास मजबूत हो रहा है।

मुख्यमंत्री साय ने शुक्रवार को नवा रायपुर स्थित सीबीडी बिल्डिंग में संचालित सीएम हेल्पलाइन कार्यालय पहुंचकर व्यवस्था की उच्चस्तरीय समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने शिकायतों के पंजीयन, निराकरण, विभागवार एवं जिलावार प्रदर्शन और शिकायतकर्ताओं से लिए जा रहे फीडबैक की जानकारी ली। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों के कलेक्टरों से भी चर्चा कर शिकायतों के निराकरण की स्थिति का जायजा लिया।

मुख्यमंत्री ने विभिन्न जिलों के शिकायतकर्ताओं से सीधे बातचीत कर यह जाना कि उनकी समस्याओं का वास्तविक समाधान हुआ है या नहीं। नागरिकों ने अपने अनुभव साझा करते हुए शिकायतों के निराकरण पर संतुष्टि जताई।

ट्रांसफॉर्मर बदला, 80 से अधिक परिवारों को मिली राहत

सीएम हेल्पलाइन के जरिए समस्या के समाधान का एक उदाहरण गरियाबंद जिले के मैनपुर क्षेत्र में देखने को मिला। यहां के निवासी दमन साहू ने मुख्यमंत्री को बताया कि गांव का ट्रांसफॉर्मर खराब होने से बिजली आपूर्ति बाधित हो गई थी। इससे लगभग 80 से 85 परिवार प्रभावित थे। स्थानीय स्तर पर समस्या का समाधान नहीं होने पर उन्होंने हेल्पलाइन 1076 पर शिकायत दर्ज कराई।

शिकायत के करीब एक सप्ताह के भीतर नया ट्रांसफॉर्मर लगा दिया गया और बिजली आपूर्ति बहाल हो गई। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों की तत्परता की सराहना करते हुए कहा कि बिजली और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी शिकायतों का प्राथमिकता से निराकरण किया जाना चाहिए।

शिकायत के दस दिन में मिली आवास की दूसरी किस्त

जशपुर जिले के बगीचा विकासखंड निवासी वीरेंद्र यादव को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान निर्माण की दूसरी किस्त मिलने में देरी हो रही थी। राशि नहीं मिलने के कारण निर्माण कार्य प्रभावित हो रहा था। उन्होंने सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई, जिसके लगभग दस दिनों के भीतर उनके बैंक खाते में 55 हजार रुपये की राशि पहुंच गई।

राशि मिलने से अब वे अपने आवास का निर्माण आगे बढ़ा पा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पात्र हितग्राहियों को योजनाओं की किस्त समय पर उपलब्ध कराई जाए, ताकि आर्थिक परेशानी के कारण निर्माण कार्य बाधित न हो।

नौ महीने से बंद पेंशन फिर शुरू

मुंगेली जिले के ग्राम करही निवासी तोरण साहू ने मुख्यमंत्री को बताया कि उनकी माताजी को करीब नौ महीने से पेंशन नहीं मिल रही थी। उन्होंने इस संबंध में सीएम हेल्पलाइन 1076 पर शिकायत की। शिकायत के बाद संबंधित विभाग ने प्रकरण की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की, जिसके परिणामस्वरूप पेंशन दोबारा शुरू हुई और लंबित राशि का भी भुगतान किया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन वृद्धजनों, विधवा महिलाओं, दिव्यांगजनों और जरूरतमंद परिवारों के लिए महत्वपूर्ण आर्थिक सहारा है। पात्र हितग्राहियों को इसके लिए परेशान नहीं होना पड़े, यह प्रशासन की जिम्मेदारी है।

शिकायत बंद करने से पहले वास्तविक समाधान जरूरी

मुख्यमंत्री साय ने अधिकारियों से कहा कि शिकायतों का निराकरण केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि नागरिकों को वास्तविक राहत मिलनी चाहिए। किसी शिकायत को बंद करने से पहले यह सुनिश्चित किया जाए कि संबंधित व्यक्ति की समस्या दूर हो गई है। शिकायतकर्ता का फीडबैक ही व्यवस्था की सफलता का वास्तविक आधार होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि प्रशासन के लिए कोई मामला सामान्य हो सकता है, लेकिन संबंधित नागरिक के लिए वही समस्या बड़ी परेशानी बन सकती है। राशन कार्ड में सुधार, पेंशन भुगतान, बिजली आपूर्ति, पेयजल, आवास की किस्त या राजस्व संबंधी कार्यों में देरी से परिवारों को लंबे समय तक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

मुख्यमंत्री ने अच्छा काम करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रोत्साहित करने तथा शिकायतों के निराकरण में लापरवाही बरतने वालों की जवाबदेही तय करने के निर्देश भी दिए।

शिकायतों के विश्लेषण से सुधरेंगी नागरिक सेवाएं

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों का नियमित विश्लेषण किया जाए। यदि किसी विभाग, योजना या क्षेत्र से एक ही प्रकार की शिकायतें बार-बार मिल रही हैं, तो उनके मूल कारणों की पहचान कर व्यवस्था में सुधार किया जाए।

उन्होंने कॉल रिस्पॉन्स, शिकायत पंजीयन, संबंधित विभाग तक शिकायत पहुंचाने, समय-सीमा में निराकरण और शिकायतकर्ता से फीडबैक लेने की पूरी प्रक्रिया को सरल एवं प्रभावी बनाने पर जोर दिया।

दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचेगी हेल्पलाइन की जानकारी

मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से बस्तर संभाग सहित दूरस्थ और वनांचल क्षेत्रों के नागरिकों तक सीएम हेल्पलाइन 1076 की सुविधा पहुंचाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों, उचित मूल्य दुकानों और कॉमन सर्विस सेंटरों में वॉल पेंटिंग सहित विभिन्न माध्यमों से हेल्पलाइन का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि अंतिम गांव और अंतिम व्यक्ति तक इसकी जानकारी पहुंचे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सीएम हेल्पलाइन केवल शिकायत दर्ज करने का माध्यम नहीं, बल्कि शासन की जवाबदेही सुनिश्चित करने और नागरिक सेवाओं को बेहतर बनाने की व्यवस्था भी है। सरकार का प्रयास है कि प्रत्येक नागरिक को भरोसा हो कि उसकी बात सुनी जाएगी और उसकी जायज समस्या का समय पर समाधान होगा।

समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, विशेष सचिव रजत बंसल सहित विभिन्न विभागों के सचिव और सभी जिलों के कलेक्टर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए।

रवि शुक्ला
रवि शुक्ला

प्रधान संपादक

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