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October 15, 2026 10:08 pm

DNA रिपोर्ट ने खोला अंधे कत्ल का राज, आरोपी गिरफ्तार

कपड़ों और डंडे पर मिले खून के नमूने मृतक के DNA से हुए मैच, पुरानी रंजिश में हत्या का आरोप

CBN36 छत्तीसगढ़।बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाने में फॉरेंसिक साक्ष्य अहम साबित हुए हैं। ग्राम सिंगारपुर में करीब एक महीने पहले हुई राजाराम साहू उर्फ चोंटी की हत्या के मामले में पुलिस ने गांव के ही रामप्रसाद साहू (45) को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, राज्य फॉरेंसिक साइंस प्रयोगशाला (SFSL), रायपुर की DNA जांच रिपोर्ट में आरोपी के कपड़ों और लकड़ी के डंडे पर मिले खून के नमूनों का मृतक के DNA प्रोफाइल से मिलान हुआ। इसके बाद पूछताछ में आरोपी ने पुरानी रंजिश के चलते हत्या करना स्वीकार किया।

तालाब के पास मिला था खून से लथपथ शव

घटना 19 सितंबर 2026 की रात की है। ग्राम सिंगारपुर में बड़े तालाब के पास राजाराम साहू का लहूलुहान शव बरामद हुआ था। अज्ञात आरोपी ने पत्थर और डंडे से हमला कर उसके सिर और चेहरे को बुरी तरह कुचल दिया था। वारदात की सूचना पर सुखदेव साहू की रिपोर्ट के आधार पर भाटापारा ग्रामीण थाने में अपराध क्रमांक 556/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।

पूछताछ में मुकरा, फॉरेंसिक जांच में सामने आए साक्ष्य

पुलिस अधीक्षक गौरव राय के निर्देशन में थाना भाटापारा ग्रामीण और स्पेशल साइबर सेल की संयुक्त टीम ने मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को मृतक और गांव के रामप्रसाद साहू के बीच पुरानी रंजिश और विवाद की जानकारी मिली। संदेह के आधार पर पुलिस ने 21 सितंबर को रामप्रसाद को हिरासत में लेकर पूछताछ की, लेकिन उसने वारदात में शामिल होने से इनकार कर दिया।

इसके बाद पुलिस ने जांच को वैज्ञानिक साक्ष्यों पर केंद्रित किया। आरोपी के घटना के समय पहने गए कपड़े और संदिग्ध लकड़ी का डंडा जब्त कर परीक्षण के लिए SFSL रायपुर भेजा गया।

DNA रिपोर्ट ने जांच को दिया निर्णायक मोड़

12 अक्टूबर को मिली फॉरेंसिक रिपोर्ट में आरोपी के कपड़ों और डंडे पर मौजूद रक्त के नमूनों का DNA मृतक के DNA प्रोफाइल से मेल खाने की पुष्टि हुई। पुलिस के अनुसार, 14 अक्टूबर को रिपोर्ट के आधार पर दोबारा पूछताछ की गई। इसके बाद आरोपी ने पुरानी रंजिश और व्यक्तिगत विवाद के चलते पत्थर व डंडे से हमला कर राजाराम साहू की हत्या करना स्वीकार किया।पुलिस ने आरोपी के खिलाफ उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर उसे गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड के लिए न्यायालय भेजने की कार्रवाई की है।

ये सामग्री की गई जब्त

पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल किया गया रक्तरंजित लकड़ी का डंडा, आरोपी के खून के धब्बे लगे कपड़े और घटनास्थल से संकलित भौतिक एवं फॉरेंसिक साक्ष्य जब्त किए हैं।

संयुक्त टीम की रही अहम भूमिका

मामले की गुत्थी सुलझाने में थाना भाटापारा ग्रामीण और साइबर सेल की संयुक्त टीम की भूमिका रही। इसमें थाना प्रभारी निरीक्षक हेमंत पटेल, साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक प्रणाली वैद्य, उपनिरीक्षक जगदेव साहू, सहायक उपनिरीक्षक नवीन शुक्ला, प्रधान आरक्षक नवीन कुर्रे तथा आरक्षक हरिश चंद्रवंशी, विजय ठाकुर, श्रीचंद्र ध्रुव, गौरी शंकर कश्यप, सीताराम ध्रुव और दुर्गेश साहू शामिल रहे।

वैज्ञानिक साक्ष्यों के सहारे सुलझे इस मामले में DNA जांच ने विवेचना को अहम दिशा दी। पुलिस की कार्रवाई से लंबे समय से अनसुलझे इस हत्याकांड में आरोपी तक पहुंचने में मदद मिली।

रवि शुक्ला
रवि शुक्ला

प्रधान संपादक

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