तार्किक बहस और दमदार दलीलों से विद्यार्थियों ने किया प्रतिभा का प्रदर्शन, वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने परखा कौशल
CBN36 वर्धा, 10 अक्टूबर। महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय के विधि विभाग में 8 एवं 9 अक्टूबर को मूट कोर्ट प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसमें बीए-एलएलबी के विद्यार्थियों ने तार्किक बहस, प्रभावी दलीलों और केस प्रस्तुतीकरण के माध्यम से अपने व्यावहारिक कानूनी ज्ञान का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
प्रतियोगिता के प्रथम चरण में सात टीमों ने भाग लिया। विभिन्न कानूनी विषयों पर आधारित मामलों में विद्यार्थियों ने तथ्यों का विश्लेषण कर अपने पक्ष में तर्क प्रस्तुत किए। इस दौरान उनकी तार्किक क्षमता, न्यायशास्त्र की समझ और न्यायालयीन प्रक्रिया से जुड़ी दक्षता देखने को मिली।
समापन सत्र में विधि विद्यापीठ के अधिष्ठाता प्रो. जनार्दन कुमार तिवारी ने कहा कि मूट कोर्ट विद्यार्थियों के व्यावहारिक कानूनी ज्ञान, तार्किक क्षमता और न्यायालय में प्रभावी ढंग से पक्ष रखने के कौशल को विकसित करने का महत्वपूर्ण माध्यम है।
प्रतियोगिता में वरिष्ठ अधिवक्ता रविंद्र एम. गुरु, अधिवक्ता रुचि चांडक तथा विभाग के शिक्षक उपस्थित रहे। उन्होंने विद्यार्थियों की दलीलों और केस प्रस्तुतीकरण का मूल्यांकन करते हुए उन्हें न्यायालय की कार्यप्रणाली एवं व्यावहारिक वकालत के विभिन्न पहलुओं से अवगत कराया।
प्रतियोगिता का अंतिम चरण 9 अक्टूबर को विधि विभाग के मूट कोर्ट हॉल में संपन्न हुआ। निर्णायक मंडल में प्रो. जनार्दन कुमार तिवारी, वरिष्ठ अधिवक्ता रविंद्र एम. गुरु और हरीश चांडक शामिल रहे।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में डॉ. परमानंद राठौड़, डॉ. वैभव सिंह यादव, डॉ. नितेश कुमार सिंह, डॉ. ज्योति सोनी, सुश्री सुचिता नारायण नागपुरे एवं श्रुति नाथ का विशेष योगदान रहा। प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों को सैद्धांतिक अध्ययन के साथ न्यायालयीन प्रक्रिया का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करने का अवसर मिला।
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