
हिंदी विश्वविद्यालय में विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर व्याख्यान, निबंध-पोस्टर प्रतियोगिता और मनोवैज्ञानिक परीक्षण आयोजित
CBN36 वर्धा। महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय में विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के उपलक्ष्य में शुक्रवार को विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। विश्वविद्यालय के मनोविज्ञान विभाग की ओर से ‘जीवन के वास्तविक अनुभवों को सुना जाए : वास्तविक आवाजें, वास्तविक बदलाव’ विषय पर मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता अभियान के तहत व्याख्यान आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. कुमुद शर्मा ने की।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता जिला सामान्य अस्पताल, वर्धा के मनोचिकित्सक डॉ. सुदर्शन हरले ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य बेहतर बनाए रखने के लिए संतुलित जीवनशैली अपनाना जरूरी है। तनाव के विभिन्न कारणों से किसी भी उम्र में मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि मानसिक रूप से टूटने की स्थिति से जूझ रहे लोगों के साथ निरंतर संवाद करना और उनकी बातों को संवेदनशीलता से सुनना आवश्यक है। समाज में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाकर और प्रभावित लोगों को सहयोग देकर इन समस्याओं से निपटने में मदद की जा सकती है।
परिवार में संवाद से कम होगा मानसिक तनाव
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. कुमुद शर्मा ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से निपटने में परिवार के भीतर स्वस्थ संवाद की महत्वपूर्ण भूमिका है। आधुनिक जीवनशैली के कारण अवसाद की घटनाएं बढ़ रही हैं। ऐसे में अपनी परेशानियों और तनाव को अपनों के साथ साझा करने से मानसिक बोझ कम किया जा सकता है। उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाने और जरूरतमंद लोगों को सहयोग देने पर जोर दिया।
निबंध-पोस्टर प्रतियोगिता और मनोवैज्ञानिक परीक्षण
इस अवसर पर कस्तूरबा सभागार में निबंध प्रतियोगिता, पोस्टर प्रतियोगिता और मनोवैज्ञानिक परीक्षण का आयोजन किया गया। अतिथि डॉ. सुदर्शन हरले का स्वागत कुलपति प्रो. कुमुद शर्मा ने प्रतीक चिह्न, पुष्पगुच्छ और अंगवस्त्र भेंटकर किया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन, मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण और विश्वविद्यालय के कुलगीत के गायन से हुआ।
कार्यक्रम का संचालन योग शिक्षक डॉ. राहुल जाटव ने किया, जबकि सहायक प्रोफेसर डॉ. नवीन कुमार त्रिपाठी ने आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान के साथ हुआ।
10 अक्टूबर को जागरूकता रैली, 12 को प्रमाण-पत्र वितरण
विश्वविद्यालय में मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता अभियान के तहत 10 अक्टूबर को सुबह 9 बजे जागरूकता रैली निकाली जाएगी। वहीं, 12 अक्टूबर को पूर्वाह्न 11 बजे प्रमाण-पत्र वितरित किए जाएंगे। कार्यक्रम को सफल बनाने में परामर्शदाता डॉ. स्मृति त्रिपाठी, डॉ. ज्योति सावळे, सहायक प्रोफेसर डॉ. ब्रिजेश यादव और डॉ. प्रेरणा सहित अन्य सहयोगियों की भूमिका रही। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के अधिष्ठाता, विभागाध्यक्ष, शिक्षक, शोधार्थी और विद्यार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
प्रधान संपादक