CBN36 बिलासपुर, 19 सितंबर 2026। शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं जरूरतमंदों को सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव का माध्यम बन रही हैं। ऐसी ही सफलता की कहानी शासकीय दृष्टि एवं श्रवण बाधितार्थ विद्यालय, तिफरा में कक्षा 12वीं की छात्रा कुमारी ललिता यादव की है।
समाज कल्याण विभाग की पहल से ललिता को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार की एडीआईपी योजना के तहत स्मार्ट फोन और स्मार्ट केन (छड़ी) उपलब्ध कराई गई। इन दोनों सुविधाओं ने उनकी पढ़ाई के साथ दैनिक आवागमन को भी पहले की अपेक्षा आसान बना दिया है।
ललिता को पहले अध्ययन सामग्री तक सीमित पहुंच के कारण पढ़ाई में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। विषयों से संबंधित ऑडियो और वीडियो सामग्री आसानी से उपलब्ध नहीं होने के कारण उन्हें पाठ्यक्रम को समझने और सीखने के लिए अतिरिक्त प्रयास करना पड़ता था। आवागमन के दौरान भी उन्हें सहायक उपकरण की आवश्यकता महसूस होती थी।
अब स्मार्ट फोन उनके अध्ययन का महत्वपूर्ण साधन बन गया है। वह स्क्रीन रीडर, दीक्षा ऐप, ई-पुस्तकालय और यू-ट्यूब जैसे डिजिटल संसाधनों का उपयोग कर पढ़ाई कर रही हैं। ऑडियो और डिजिटल माध्यमों से अध्ययन सामग्री आसानी से उपलब्ध होने से उनकी पढ़ाई अधिक सुगम हुई है। वहीं स्मार्ट केन के उपयोग से चलने-फिरने और आवागमन में भी सुविधा मिली है।
ललिता के लिए यह बदलाव केवल स्मार्ट फोन और स्मार्ट केन मिलने तक सीमित नहीं है। इन सुविधाओं ने उन्हें शिक्षा से जुड़ने, तकनीक का उपयोग करने, अपने कौशल को विकसित करने और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का अवसर दिया है। शासन की योजना से मिली यह सहायता उनके लिए शिक्षा और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने का माध्यम बनी है।
ललिता का कहना है कि स्मार्ट फोन और स्मार्ट केन के उपयोग से उनकी पढ़ाई और रोजमर्रा की जिंदगी काफी आसान हुई है तथा उन्हें आगे बढ़ने का नया आत्मविश्वास मिला है।
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