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September 17, 2026 1:17 am

अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज के डीन का तबादला रोका, हाईकोर्ट ने शासन से मांगा जवाब

अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज से दुर्ग भेजे गए थे डॉ. अविनाश मेश्राम, पदावनति का आरोप; शासन से मांगा जवाब

CBN36 बिलासपुर। शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय अंबिकापुर के अधिष्ठाता (Dean) डॉ. अविनाश मेश्राम के स्थानांतरण आदेश पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। शासन ने तीन सितंबर 2026 को जारी आदेश में डॉ. मेश्राम को अंबिकापुर से शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय दुर्ग में प्राध्यापक-सह-संचालक के पद पर स्थानांतरित किया था। इस आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायालय ने स्थानांतरण आदेश पर रोक लगाई और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग तथा चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।

दो साल भी पूरे नहीं हुए, कर दिया तबादला

याचिका में बताया गया कि डॉ. मेश्राम की अधिष्ठाता पद पर पदस्थापना 17 अक्टूबर 2024 को शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय अंबिकापुर में हुई थी। स्थानांतरण आदेश जारी होने तक अंबिकापुर में उनकी पदस्थापना को दो वर्ष भी पूरे नहीं हुए थे। इसके बावजूद उन्हें दुर्ग में प्राध्यापक-सह-संचालक के पद पर भेज दिया गया।

डीन से निचले पद पर भेजने का उठाया मुद्दा

याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मतीन सिद्दीकी और अधिवक्ता अपूर्वा पांडे ने दलील दी कि डॉ. मेश्राम का मूल पद अधिष्ठाता (Dean) है, जबकि स्थानांतरण आदेश के तहत उन्हें प्राध्यापक-सह-संचालक के पद पर पदस्थ किया गया है। याचिका में इसे उनके वर्तमान पद से निम्न पद पर स्थानांतरण का आधार बताया गया। साथ ही अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज में उनके स्थान पर डॉ. आर.सी. आर्या की पदस्थापना किए जाने का भी उल्लेख किया गया है।

2022 में हुई थी डीन पद पर पदोन्नति

याचिका के मुताबिक डॉ. अविनाश मेश्राम पूर्व में शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय कोरबा में संचालक-सह-प्राध्यापक के पद पर पदस्थ थे। शासन के दो नवंबर 2022 के आदेश के तहत उन्हें पदोन्नत कर अधिष्ठाता के पद पर नियुक्त किया गया था। इसके बाद अक्टूबर 2024 में उनकी पदस्थापना अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज के डीन के रूप में की गई।

हाईकोर्ट ने शासन से मांगा जवाब

डॉ. मेश्राम ने अधिवक्ता नरेंद्र मेहेर के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति विभु दत्त गुरु के समक्ष हुई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने स्थानांतरण आदेश पर रोक लगा दी। कोर्ट ने सचिव, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, अवर सचिव, चिकित्सा शिक्षा विभाग तथा संचालक, चिकित्सा शिक्षा को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

रवि शुक्ला
रवि शुक्ला

प्रधान संपादक

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