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October 20, 2026 4:19 pm

माइनिंग से हाई-वैल्यू मैन्युफैक्चरिंग तक, छत्तीसगढ़ बदल रहा औद्योगिक तस्वीर

करीब 8 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव, एआई-डेटा सेंटर से सेमीकंडक्टर और ग्रीन स्टील तक नए क्षेत्रों पर जोर

CBN36 रायपुर। खनिज संपदा और प्राथमिक प्रसंस्करण के लिए पहचाने जाने वाला छत्तीसगढ़ अब अपनी औद्योगिक अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने की तैयारी में है। राज्य सरकार का जोर कच्चे संसाधनों के दोहन तक सीमित रहने के बजाय वैल्यू एडेड और हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने पर है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में औद्योगिक रणनीति में इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर, फार्मास्यूटिकल्स, इंजीनियरिंग, ऑटो कंपोनेंट्स, रक्षा उपकरण, एआई और ग्रीन स्टील जैसे क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जा रही है।

राज्य की औद्योगिक विकास नीति 2024-30 को इस बदलाव का आधार बनाया गया है। नीति के तहत स्थानीय संसाधनों के मूल्य संवर्धन के साथ इलेक्ट्रॉनिक्स, आईटी, एआई, रोबोटिक्स, बायोटेक्नोलॉजी, फार्मा, रक्षा और इंजीनियरिंग क्षेत्रों में निवेश को प्रोत्साहित किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य छत्तीसगढ़ को केवल खनिजों के आपूर्तिकर्ता के बजाय तैयार उत्पादों और उन्नत तकनीक आधारित उद्योगों के केंद्र के रूप में विकसित करना है।

8 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव

औद्योगिक नीति लागू होने के बाद राज्य में निवेशकों की रुचि बढ़ी है। राज्य के निवेश प्रोत्साहन पोर्टल के अनुसार पिछले करीब 18 महीनों में लगभग 8 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इनसे 1.5 लाख से अधिक रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है।

इन निवेश प्रस्तावों में पारंपरिक खनिज आधारित उद्योगों के साथ एआई, डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर, फार्मा, टेक्सटाइल और एग्रो-प्रोसेसिंग जैसे उभरते क्षेत्रों की भी महत्वपूर्ण हिस्सेदारी है। नवा रायपुर में एआई और डेटा सेंटर से जुड़े निवेश तथा सेमीकंडक्टर क्षेत्र में 18 हजार करोड़ रुपये से अधिक के प्रस्ताव राज्य की बदलती औद्योगिक प्राथमिकताओं को रेखांकित करते हैं।

राजनांदगांव में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (EMC 2.0) को मंजूरी मिलना भी इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे 3,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश और करीब 9,000 प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रोजगार आने की उम्मीद है।

स्टील से ग्रीन स्टील की ओर बढ़ते कदम

स्टील उत्पादन में मजबूत आधार रखने वाला छत्तीसगढ़ अब पारंपरिक उत्पादन से आगे बढ़कर ग्रीन स्टील की संभावनाएं तलाश रहा है। देश में कार्बन उत्सर्जन कम करने और हरित विनिर्माण को बढ़ावा देने के बीच ग्रीन स्टील राज्य के लिए नए अवसर पैदा कर रहा है।

पिछले महीने आयोजित छत्तीसगढ़ ग्रीन स्टील डायलॉग के दौरान करीब 13,840 करोड़ रुपये की निवेश प्रतिबद्धताएं सामने आईं। इससे इस क्षेत्र में निवेश और तकनीकी विकास की संभावनाओं को बल मिला है।

विशेष स्टील के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर पीएलआई जैसी योजनाएं भी संचालित हैं। छत्तीसगढ़ अपने खनिज संसाधनों, मौजूदा स्टील उद्योग और ऊर्जा आधार का लाभ उठाकर उच्च मूल्य वाले स्टील उत्पादों के निर्माण का बड़ा केंद्र बन सकता है।

फार्मा और इलेक्ट्रॉनिक्स पर भी फोकस

राज्य की नई औद्योगिक तस्वीर में फार्मास्यूटिकल्स क्षेत्र भी तेजी से उभर रहा है। पिछले 18 महीनों में फार्मा क्षेत्र में करीब 992.53 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इनमें से 216 करोड़ रुपये के चार प्रोजेक्ट कार्यान्वयन के चरण में हैं।

इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में भी राज्य राष्ट्रीय सप्लाई चेन से जुड़ने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। केंद्र की इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स मैन्युफैक्चरिंग स्कीम के तहत देशभर में 69 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश वाली परियोजनाओं को मंजूरी मिल चुकी है। ऐसे में छत्तीसगढ़ में EMC 2.0 जैसी पहल इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण के क्षेत्र में राज्य की भूमिका मजबूत करने का अवसर देती है।

बस्तर-सरगुजा में स्थानीय संसाधनों से रोजगार

औद्योगिक विकास की रणनीति को बस्तर और सरगुजा जैसे क्षेत्रों तक भी विस्तार दिया जा रहा है। यहां वन उत्पाद, खाद्य प्रसंस्करण और स्थानीय संसाधनों पर आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने पर जोर है। इसका उद्देश्य क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार और उद्यमिता के अवसर बढ़ाना है।

निवेश को जमीन पर उतारने पर जोर

निवेश प्रस्तावों को वास्तविक परियोजनाओं में बदलने के लिए सरकार ने सिंगल विंडो व्यवस्था, राज्य निवेश प्रोत्साहन बोर्ड (SIPB) और ऑनलाइन स्वीकृति तंत्र को मजबूत किया है। 100 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश वाली परियोजनाओं के लिए प्राथमिकता आधारित सुविधाओं और त्वरित अनुमोदन की व्यवस्था की गई है।

छत्तीसगढ़ के पास खनिज, ऊर्जा और मजबूत औद्योगिक आधार की ताकत पहले से मौजूद है। अब सरकार की कोशिश इन संसाधनों को उच्च मूल्य वाले उत्पादों में बदलने की है। एआई और सेमीकंडक्टर से लेकर इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मा और ग्रीन स्टील तक बढ़ता निवेश यह संकेत दे रहा है कि छत्तीसगढ़ अपनी पारंपरिक खनिज आधारित पहचान से आगे बढ़कर हाई-वैल्यू मैन्युफैक्चरिंग और तकनीक आधारित औद्योगिक अर्थव्यवस्था की ओर कदम बढ़ा रहा है।

रवि शुक्ला
रवि शुक्ला

प्रधान संपादक

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