नक्सलवाद का खतरा मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति, दृढ़ सुरक्षा नीति और विकासोन्मुखी शासन से समाप्त हुआ : उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन
CBN36 रायपुर। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) रायपुर के तीसरे दीक्षांत समारोह में उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने कहा कि दीक्षांत समारोह केवल उत्सव का अवसर नहीं, बल्कि नई जिम्मेदारियों के आगाज का क्षण है। आज युवाओं को डिग्रियां मिल रही हैं, लेकिन आने वाले समय में उन्हें इससे कहीं अधिक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी-देश की जनता के स्वास्थ्य, विश्वास और जीवन की रक्षा-सौंपी जाएगी। समारोह में कुल 689 विद्यार्थियों को डिग्री प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए, जिनमें 376 महिलाएं और 313 पुरुष शामिल हैं। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक, प्रमाण-पत्र और 16 पुरस्कार भी प्रदान किए गए।
उपराष्ट्रपति ने कहा कि वर्ष 2012 में स्थापना के बाद एम्स रायपुर ने मध्य भारत में स्वास्थ्य सेवाओं, चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। कम समय में संस्थान छत्तीसगढ़ सहित पड़ोसी राज्यों के लिए प्रमुख तृतीयक स्वास्थ्य सेवा केंद्र के रूप में स्थापित हुआ है। ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने में भी संस्थान की भूमिका महत्वपूर्ण रही है।
नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में बदली तस्वीर

छत्तीसगढ़ में दशकों तक चली चुनौतियों का उल्लेख करते हुए राधाकृष्णन ने कहा कि कठिन भौगोलिक परिस्थितियों, कमजोर आवागमन और वामपंथी उग्रवाद ने विकास की राह में बड़ी बाधाएं खड़ी कीं। दूरस्थ और आदिवासी क्षेत्रों में हिंसा एवं भय के कारण सड़क, स्कूल और अस्पताल जैसी बुनियादी सुविधाओं का विकास प्रभावित हुआ।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ अब अतीत के अंधकार से निकलकर समृद्धि, विकास और प्रगति के नए युग की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने इस बदलाव का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्णायक नेतृत्व, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के रणनीतिक संकल्प और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रतिबद्ध नेतृत्व को दिया।
उपराष्ट्रपति ने कहा कि मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति, दृढ़ सुरक्षा नीति और विकासोन्मुखी शासन के कारण नक्सली खतरे का अंत हुआ है। जिन क्षेत्रों की पहचान कभी हिंसा से होती थी, वे अब सड़क, स्कूल, अस्पताल, कनेक्टिविटी, निवेश और नए अवसरों के लिए पहचाने जा रहे हैं।
उन्नत चिकित्सा सेवाओं में एम्स रायपुर की महत्वपूर्ण उपलब्धियां
राधाकृष्णन ने एम्स रायपुर को नए छत्तीसगढ़ का एक महत्वपूर्ण प्रतीक बताया। उन्होंने संस्थान में उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं और प्रत्यारोपण के क्षेत्र में हुई उपलब्धियों की सराहना की। छत्तीसगढ़ में पहले किडनी प्रत्यारोपण, किडनी प्रत्यारोपण में 95 प्रतिशत से अधिक सफलता दर, कॉर्नियल और कान प्रत्यारोपण जैसी उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश में आधुनिक चिकित्सा सेवाओं की पहुंच तेजी से बढ़ रही है। उन्होंने हृदय प्रत्यारोपण कार्यक्रम की मंजूरी को भी महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
उच्च शिक्षा में महिलाओं की भागीदारी बढ़ी
उपराष्ट्रपति ने विकसित भारत के राष्ट्रीय लक्ष्य को हासिल करने के लिए संतुलित विकास को जरूरी बताया। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी पूरा होगा, जब हर राज्य, जिला और गांव विकास की मुख्यधारा से जुड़ेगा। उच्च शिक्षा तक पहुंच इस लक्ष्य का महत्वपूर्ण आधार है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2014-15 में उच्च शिक्षा में महिलाओं का नामांकन 1.57 करोड़ था, जो वर्ष 2023-24 में बढ़कर 2.24 करोड़ हो गया। यह 42.2 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है।
युवा डॉक्टरों से ज्ञान के साथ सेवा और करुणा अपनाने का आह्वान

स्नातक विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति ने उनसे नशीली दवाओं को दृढ़ता से ‘ना’ कहने तथा ऐसे भारत के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया, जहां तकनीक और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रत्येक नागरिक तक पहुंचें। उन्होंने कहा कि युवाओं का ज्ञान स्वास्थ्य प्रदान करे, शोध नवाचार लाए और उनकी सेवा समाज के लिए प्रेरणा बने। उन्होंने एम्स रायपुर को चिकित्सा उत्कृष्टता, वैज्ञानिक नवाचार, जन स्वास्थ्य और करुणापूर्ण सेवा के क्षेत्र में निरंतर सफलता की शुभकामनाएं दीं।
राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि चिकित्सा शिक्षा केवल ज्ञान और कौशल तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें धैर्य, करुणा और गहरी जिम्मेदारी की भावना भी जरूरी है। चिकित्सा का वास्तविक उद्देश्य मानवता की सेवा है। चिकित्सक की श्रेष्ठता केवल उसकी पेशेवर दक्षता से नहीं, बल्कि मरीजों के प्रति उसके व्यवहार, विश्वास और सम्मान से भी निर्धारित होती है।
उन्होंने नव-स्नातक चिकित्सकों से स्वास्थ्य सेवाओं के विकास, चिकित्सा अनुसंधान और नवाचार में योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि एम्स रायपुर अपनी चिकित्सा सेवाओं, शैक्षणिक कार्यक्रमों और अनुसंधान पहलों के माध्यम से क्षेत्र के स्वास्थ्य तंत्र को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। संस्थान की बढ़ती प्रतिष्ठा छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय है।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य योजनाओं से जुड़कर सेवा का आह्वान

केंद्रीय राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने विद्यार्थियों को बधाई देते हुए आयुष्मान भारत, PM-JAY, ABHA और e-Sanjeevani जैसी राष्ट्रीय स्वास्थ्य पहलों का उल्लेख किया। उन्होंने युवा चिकित्सकों से चिकित्सा उत्कृष्टता के साथ करुणा, नैतिकता, निवारक स्वास्थ्य सेवाओं, शोध और समाज सेवा को प्राथमिकता देने का आह्वान किया।
एम्स रायपुर के कार्यपालक निदेशक सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल अशोक जिंदल ने संस्थान की प्रगति और उपलब्धियों की जानकारी दी। उन्होंने चिकित्सा शिक्षा, शोध, नवाचार और मरीज-केंद्रित स्वास्थ्य सेवाओं में उच्च मानकों को बनाए रखने की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने स्नातक विद्यार्थियों से अपने ज्ञान और पेशेवर कौशल का उपयोग समाज एवं राष्ट्र की सेवा में करने का आह्वान किया।
समारोह में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, रायपुर लोकसभा क्षेत्र के सांसद बृजमोहन अग्रवाल, एम्स रायपुर के अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) संजीव हांडा सहित संस्थान के अधिकारी, चिकित्सक, शिक्षक, विद्यार्थी और उनके परिजन उपस्थित रहे। समारोह में विद्यार्थियों को ‘नशे को ना कहें’ की शपथ भी दिलाई गई।
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