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August 30, 2026 5:16 pm

नारी के सम्मान, सुरक्षा और स्वावलंबन से ही बनेगा समृद्ध छत्तीसगढ़: मुख्यमंत्री साय

नारी शक्ति सम्मान समारोह में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाली महिलाओं का सम्मान

CBN36 रायपुर, 30 अगस्त। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि नारी शक्ति के आगे बढ़ने से परिवार, समाज और देश आगे बढ़ता है। महिलाओं को सम्मान, सुरक्षा, समान अवसर और आर्थिक स्वावलंबन देना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। उन्होंने कहा कि नारी के सम्मान, सुरक्षा और स्वावलंबन से ही समृद्ध एवं विकसित छत्तीसगढ़ का सपना साकार होगा।

मुख्यमंत्री रविवार को रायपुर स्थित पंडित जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय परिसर के अटल बिहारी वाजपेयी सभागृह में छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की ओर से आयोजित नारी शक्ति सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने चिकित्सा, शिक्षा, खेल, साइबर सुरक्षा, पत्रकारिता, कला-संस्कृति, कृषि, महिला उद्यमिता, सामाजिक सेवा और महिला सुरक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली महिलाओं को सम्मानित किया। उन्होंने समारोह पर आधारित ब्रोशर का विमोचन भी किया।

सम्मानित महिलाएं बेटियों के लिए प्रेरणा

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सम्मानित महिलाओं ने परिश्रम, प्रतिभा, साहस और संकल्प के बल पर अलग-अलग क्षेत्रों में पहचान बनाई है। उनकी उपलब्धियां केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं हैं, बल्कि हजारों बेटियों के लिए प्रेरणा हैं।

उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में नारी को सदैव सम्मान और महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। राज्य सरकार इसी भावना को योजनाओं और नीतियों के माध्यम से धरातल पर उतार रही है। छत्तीसगढ़ की महिलाएं खेती-किसानी से लेकर उद्यमिता, शिक्षा, खेल, सामाजिक सेवा और आधुनिक तकनीक तक हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं।

महिला आयोग गांवों और दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचे

मुख्यमंत्री ने राज्य महिला आयोग की नवनियुक्त अध्यक्ष डॉ. ममता साहू को बधाई देते हुए कहा कि उन्हें महत्वपूर्ण और संवेदनशील जिम्मेदारी मिली है। उनके सामाजिक अनुभव, कानून की समझ और उच्च शिक्षा का लाभ आयोग को मिलेगा।

उन्होंने कहा कि महिला आयोग की भूमिका केवल शिकायतों के निराकरण तक सीमित नहीं होनी चाहिए। आयोग को गांवों, कस्बों, जनजातीय और दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचकर महिलाओं को उनके कानूनी एवं संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूक करना चाहिए। महिलाओं को यह भरोसा होना चाहिए कि कठिन परिस्थिति में शासन और उसकी संस्थाएं उनके साथ खड़ी हैं।

68 लाख से अधिक महिलाओं को मिल रही महतारी वंदन की राशि

मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं का आर्थिक स्वावलंबन उनके सशक्तिकरण की मजबूत नींव है। महतारी वंदन योजना के तहत प्रदेश की 68 लाख से अधिक महिलाओं को हर महीने एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है। योजना की 31 किस्तें महिलाओं के खातों में पहुंच चुकी हैं।

उन्होंने कहा कि यह राशि महिलाओं के आत्मसम्मान और आत्मविश्वास को मजबूत करने का माध्यम बनी है। महिलाएं इसका उपयोग अपनी जरूरतों, बच्चों की पढ़ाई, स्वास्थ्य और स्वरोजगार से जुड़ी गतिविधियों में कर रही हैं।

13.85 लाख से ज्यादा महिलाएं बनीं लखपति दीदी

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्व-सहायता समूहों के जरिए प्रदेश की महिलाएं आत्मनिर्भरता की नई कहानी लिख रही हैं। सिलाई-कढ़ाई, कृषि एवं वनोपज आधारित गतिविधियों, लघु उद्योग और स्वरोजगार के साथ महिलाएं ड्रोन संचालन जैसे आधुनिक तकनीकी क्षेत्रों में भी आगे बढ़ रही हैं।

प्रदेश में 13 लाख 85 हजार से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। सरकार का लक्ष्य अधिक से अधिक महिलाओं को कौशल, पूंजी, बाजार और तकनीक से जोड़ना है।

481 महतारी सदनों का निर्माण

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2026 को महतारी गौरव वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। यह वर्ष प्रदेश की मातृशक्ति के योगदान को सम्मान देने और महिलाओं के लिए नए अवसर पैदा करने के लिए समर्पित है।

उन्होंने बताया कि महिला स्व-सहायता समूहों को प्रशिक्षण, बैठक और आर्थिक गतिविधियों के लिए बेहतर स्थान उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रदेश में 481 महतारी सदनों का निर्माण किया जा रहा है। जशपुर प्रवास के दौरान तीन महतारी सदनों का लोकार्पण भी किया गया है।

उन्होंने कहा कि ‘मेरी बेटी, मेरा अभिमान’ पहल के तहत 6,671 बालिका शौचालयों के निर्माण की स्वीकृति दी गई है। वहीं सरस्वती साइकिल योजना से बालिकाओं की शिक्षा को प्रोत्साहन दिया जा रहा है।

महिलाओं के नाम संपत्ति पंजीयन को बढ़ावा

मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं के आर्थिक अधिकार मजबूत करने के लिए उनके नाम पर जमीन और संपत्ति के पंजीयन को प्रोत्साहित किया जा रहा है। संपत्ति में महिलाओं की हिस्सेदारी बढ़ने से उनका आर्थिक आधार मजबूत होता है और परिवार में निर्णय लेने की क्षमता भी बढ़ती है।

उन्होंने कहा कि नारी सशक्तिकरण केवल सरकारी योजनाओं तक सीमित नहीं है। इसके लिए समाज की सोच और व्यवस्था में भी सकारात्मक बदलाव जरूरी है। बेटियों को शिक्षा, युवतियों को रोजगार और उद्यमिता के अवसर, महिलाओं को सुरक्षा और सम्मान तथा जरूरत पड़ने पर त्वरित न्याय दिलाना सरकार की प्राथमिकता है।

मोदी के नेतृत्व में महिलाओं को नए अवसर: साय

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में नारी शक्ति को नई पहचान और आगे बढ़ने के अवसर मिले हैं। ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ अभियान ने बेटियों के प्रति सामाजिक सोच में बदलाव लाया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर आसीन होना भी महिलाओं के लिए गौरव और प्रेरणा का विषय है।

महिला आयोग न्याय और जागरूकता का माध्यम बने: तोखन साहू

केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने कहा कि महिला आयोग पीड़ित और जरूरतमंद महिलाओं के लिए आशा, विश्वास और न्याय का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने डॉ. ममता साहू को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में आयोग महिलाओं के अधिकारों के संरक्षण और उत्थान के लिए प्रभावी कार्य करेगा।

डॉ. ममता साहू के नेतृत्व में आयोग बेहतर काम करेगा: अरुण साव

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि महिला आयोग की नवनियुक्त अध्यक्ष डॉ. ममता साहू के पिता कृपाराम साहू के लिए यह गर्व का अवसर है कि उनकी बेटी महत्वपूर्ण दायित्व संभाल रही हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि डॉ. साहू के नेतृत्व में आयोग महिलाओं के सशक्तिकरण और पीड़ित महिलाओं को त्वरित न्याय दिलाने के लिए संवेदनशीलता के साथ काम करेगा।

महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि राज्य महिला आयोग के 25 वर्ष पूरे होने पर रजत उत्सव मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आयोग ने महिलाओं के अधिकारों और सम्मान की रक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किया है।

कार्यक्रम में राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल, राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा, विधायक पुरंदर मिश्रा, विधायक मोतीलाल साहू, रायपुर महापौर मीनल चौबे, अंबिकापुर महापौर मंजूषा भगत, राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. ममता साहू सहित विभिन्न निगम-मंडल एवं आयोगों के अध्यक्ष, जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद रहीं।

रवि शुक्ला
रवि शुक्ला

प्रधान संपादक

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