
एसईसीएल ने बढ़ाई अत्याधुनिक खनन तकनीक की दिशा में रफ्तार
CBN36 कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में स्थित एसईसीएल की गेवरा मेगा परियोजना में देश के पहले 21 क्यूबिक मीटर क्षमता वाले इलेक्ट्रो-हाइड्रोलिक फेस शॉवेल का शुभारंभ किया गया। एसईसीएल के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक सीएमडी हरीश दुहन ने शनिवार को मशीन का लोकार्पण किया। गेवरा को एशिया की सबसे बड़ी कोयला खदान के रूप में जाना जाता है।
उत्पादन क्षमता बढ़ाने में मिलेगी मदद
नई मशीन के संचालन से गेवरा परियोजना में कोयला उत्पादन क्षमता बढ़ाने के साथ खनन कार्यों में सुरक्षा, दक्षता और आधुनिक तकनीक को बढ़ावा मिलेगा। करीब 5.31 मिलियन घनमीटर वार्षिक उत्पादन क्षमता वाली यह मशीन उत्पादन और परिचालन क्षमता को मजबूत करेगी।
आधुनिक सुविधाओं से लैस है शॉवेल

21 क्यूबिक मीटर क्षमता वाले इलेक्ट्रो-हाइड्रोलिक फेस शॉवेल में 360 डिग्री कैमरा, ऑपरेटर फटीग मॉनिटरिंग सिस्टम, एयर सस्पेंशन सीट, एडजस्टेबल जॉयस्टिक, हाइड्रोलिक सीढ़ियां और गैस आधारित फायर सप्रेशन सिस्टम जैसी सुविधाएं हैं। मशीन का केबिन FOPS मानक के अनुरूप सुरक्षित बनाया गया है।
रियल टाइम में होगी निगरानी
मशीन को एसईसीएल के फ्लीट मैनेजमेंट सिस्टम (एफएमएस) से जोड़ा गया है। इससे मशीन के संचालन और कार्यक्षमता की रियल टाइम निगरानी की जा सकेगी।
अधिकारी-कर्मचारी रहे मौजूद
लोकार्पण कार्यक्रम में एसईसीएल के निदेशक (तकनीकी, योजना एवं परियोजना) रमेश चंद्र महापात्र, एजीएम संजय मिश्रा सहित गेवरा परियोजना के वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
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