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August 22, 2026 7:51 pm

बस्तर में नक्सलवाद पर निर्णायक प्रहार के बाद विकास ने पकड़ी रफ्तार: सीएम साय

बोले- सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्र में तेजी से हो रहा काम; बस्तर के पर्यटन को भी देंगे बढ़ावा

CBN36 रायपुर। नक्सलवाद के कारण लंबे समय तक विकास की दौड़ में पिछड़े बस्तर में अब शांति और विकास का नया दौर शुरू हुआ है। सुरक्षा के साथ सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, संचार, रोजगार और आजीविका के क्षेत्र में तेजी से काम किया जा रहा है। बस्तर की प्राकृतिक संपदा, जनजातीय संस्कृति और पर्यटन की संभावनाओं को विकास से जोड़कर स्थानीय लोगों के जीवन में स्थायी बदलाव लाना सरकार की प्राथमिकता है। यह बात मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में चेन्नई से आए पत्रकारों के दल से चर्चा के दौरान कही।

नक्सलवाद के खिलाफ मिली बड़ी सफलता

मुख्यमंत्री ने कहा कि करीब चार दशकों तक नक्सलवाद ने बस्तर के विकास को प्रभावित किया। दुर्गम इलाकों में सड़क, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य और संचार जैसी सुविधाएं पहुंचाना चुनौती रहा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक सफलता मिली है। सुरक्षा बलों के साहस और स्थानीय लोगों के बढ़ते विश्वास से बस्तर अब तेजी से शांति और विकास की ओर बढ़ रहा है।

‘नियद नेल्लानार’ से गांवों तक पहुंच रहा विकास

साय ने कहा कि जिन क्षेत्रों में कभी शासन की पहुंच मुश्किल थी, वहां अब विकास योजनाएं तेजी से पहुंच रही हैं। सुरक्षा कैंपों के आसपास के गांवों में ‘नियद नेल्लानार’ योजना के माध्यम से जनकल्याणकारी योजनाओं और बुनियादी सुविधाओं का लाभ दिया जा रहा है। सड़क और मोबाइल कनेक्टिविटी के विस्तार के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, बिजली, राशन, बैंकिंग और आजीविका की सुविधाएं भी बढ़ी हैं।

पर्यटन से युवाओं के लिए रोजगार के अवसर

मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। प्राकृतिक सौंदर्य, जलप्रपात, वन संपदा, जनजातीय संस्कृति, कला और परंपराएं इसकी विशिष्ट पहचान हैं। शांति स्थापित होने के बाद पर्यटन और स्थानीय उद्यमिता के नए अवसर बन रहे हैं। सरकार का प्रयास है कि बस्तर को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिले और स्थानीय युवाओं को रोजगार व स्वरोजगार के अवसर मिलें।

नई औद्योगिक नीति से निवेश को बढ़ावा

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ खनिज, वन और कृषि संपदा के साथ ऊर्जा के क्षेत्र में भी समृद्ध है। नई औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में रोजगार सृजन, स्थानीय संसाधनों के मूल्य संवर्धन और नए एवं उभरते क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई है। सरल प्रक्रियाओं और उद्योग अनुकूल वातावरण के कारण देश-विदेश के निवेशकों का छत्तीसगढ़ के प्रति आकर्षण बढ़ा है।

एआई और सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्रों में निवेश की तैयारी

साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ अब केवल परंपरागत उद्योगों तक सीमित नहीं है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा सेंटर, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, सेमीकंडक्टर, फार्मास्युटिकल, टेक्सटाइल और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे भविष्य के क्षेत्रों में भी निवेश की संभावनाएं विकसित हो रही हैं। सरकार का जोर ऐसे निवेश पर है, जिससे युवाओं को बड़े पैमाने पर गुणवत्तापूर्ण रोजगार मिल सके।

रायपुर-नवा रायपुर बन रहे एजुकेशन हब

मुख्यमंत्री ने कहा कि रायपुर और नवा रायपुर देश के महत्वपूर्ण एजुकेशन हब के रूप में विकसित हो रहे हैं। उच्च और तकनीकी शिक्षा के संस्थानों के विस्तार से प्रदेश के विद्यार्थियों को अपने ही राज्य में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के बेहतर अवसर मिल रहे हैं।

दूरस्थ इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार

साय ने कहा कि शिक्षा के साथ स्वास्थ्य अधोसंरचना के विस्तार पर भी सरकार लगातार काम कर रही है। दूरस्थ और जनजातीय क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने, मेडिकल शिक्षा का विस्तार करने और आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में कई कदम उठाए गए हैं। सरकार की प्राथमिकता है कि विकास का लाभ प्रदेश के अंतिम छोर पर बसे व्यक्ति तक पहुंचे।

चेन्नई के पत्रकारों को कोसा शॉल भेंट

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने चेन्नई से आए पत्रकारों को छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध कोसा फैब के शॉल भेंट कर सम्मानित किया। पत्रकारों के दल ने मुख्यमंत्री को तमिलनाडु के प्रसिद्ध महाबलीपुरम मंदिर की प्रतिकृति स्मृति-चिह्न के रूप में भेंट की।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के सलाहकार आर. कृष्णा दास, जनसंपर्क आयुक्त रजत बंसल, मुख्यमंत्री के प्रेस अधिकारी आलोक सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

रवि शुक्ला
रवि शुक्ला

प्रधान संपादक

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