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September 20, 2026 6:06 pm

संवाद से समाधान अभियान : पश्चिम जोन पुलिस ने स्कूलों, बस्तियों और कॉलोनियों में चलाया जागरूकता अभियान, अवैध प्रवासियों की सूचना देने की अपील

CBN36 रायपुर। कमिश्नरेट पुलिस के पश्चिम जोन ने ‘संवाद से समाधान’ अभियान के तहत जनसुरक्षा और जनजागरूकता को लेकर व्यापक अभियान चलाया। पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) रॉबिन्सन गुरिया के निर्देश तथा अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त राहुल देव शर्मा एवं सहायक पुलिस आयुक्त ईशु अग्रवाल, देवांश राठौर और नवनीत पाटिल के मार्गदर्शन में पश्चिम जोन के सभी थाना प्रभारियों ने विद्यालयों, सार्वजनिक स्थलों, कॉलोनियों और बस्तियों में पहुंचकर नागरिकों, विद्यार्थियों और अभिभावकों को कानून, सुरक्षा और पुलिस सहायता सेवाओं के प्रति जागरूक किया।

अभियान के दौरान आमानाका, पुरानी बस्ती, डीडी नगर, आजाद चौक, सरस्वती नगर, कबीर नगर, न्यू राजेंद्र नगर, मुजगहन और टिकरापारा थाना क्षेत्रों में जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित किए गए। आमानाका के बीएसयूपी कॉलोनी व आमानाका बस्ती तथा सरस्वती नगर थाना क्षेत्र के समता कॉलोनी फेस-2 और कोटा स्थित नॉलेज जैन लाइब्रेरी में पुलिस अधिकारियों ने नागरिकों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और विधिसम्मत निराकरण का भरोसा दिलाया।

पुलिस ने विभिन्न विद्यालयों में नाबालिग वाहन चालकों के अभिभावकों से मोबाइल फोन के माध्यम से संपर्क कर समझाइश दी कि वे बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस और हेलमेट के बच्चों को दोपहिया वाहन चलाने की अनुमति न दें। अधिकारियों ने बताया कि नाबालिगों द्वारा वाहन चलाना न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि उनकी और अन्य लोगों की जान के लिए भी गंभीर खतरा है।

कार्यक्रमों में विद्यार्थियों एवं नागरिकों को सड़क सुरक्षा, हेलमेट और सीट बेल्ट के अनिवार्य उपयोग, यातायात संकेतों के पालन, महिला एवं बाल सुरक्षा, साइबर अपराधों से बचाव, नशामुक्ति, आपातकालीन पुलिस सहायता सेवाओं तथा नए आपराधिक कानून भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम-2023 के प्रमुख प्रावधानों की जानकारी दी गई। साथ ही लोगों से कानून-व्यवस्था बनाए रखने, संदिग्ध गतिविधियों एवं आपराधिक घटनाओं की तत्काल सूचना पुलिस को देने और पुलिस-जन सहयोग को मजबूत बनाने की अपील की गई।

अभियान के दौरान पुलिस ने डायल-112, साइबर हेल्प लाइन-1930 सहित विभिन्न सहायता सेवाओं का व्यापक प्रचार किया। इसके अलावा छत्तीसगढ़ पुलिस मुख्यालय की टोल-फ्री हेल्पलाइन 1800-233-1905 की जानकारी देते हुए बताया गया कि राज्य की आंतरिक सुरक्षा को मजबूत बनाने तथा अवैध प्रवासियों, घुसपैठियों और संदिग्ध गतिविधियों से जुड़ी सूचनाएं इस नंबर पर दी जा सकती हैं। पुलिस ने भरोसा दिलाया कि सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी तथा प्राप्त सूचना पर नियमानुसार जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

रवि शुक्ला
रवि शुक्ला

प्रधान संपादक

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