“ऑपरेशन विश्वास के तहत दुर्ग यातायात पुलिस का जागरूकता अभियान, स्कूल प्रबंधन से नाबालिगों के वाहन लेकर आने पर रोक लगाने और अभिभावकों की बैठक कराने की अपील”
CBN36 दुर्ग। सड़क सुरक्षा और नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने पर रोक लगाने के उद्देश्य से यातायात पुलिस ने शुक्रवार को ‘ऑपरेशन विश्वास’ के तहत शहर के चार स्कूलों में जागरूकता अभियान चलाया। इस दौरान करीब 2500 छात्र-छात्राओं को यातायात नियमों की जानकारी देने के साथ 18 वर्ष की आयु पूरी होने और वैध ड्राइविंग लाइसेंस मिलने से पहले किसी भी प्रकार का वाहन नहीं चलाने की समझाइश दी गई।
यातायात पुलिस ने केपीएस स्कूल, नेहरू नगर, खालसा पब्लिक स्कूल और शकुंतला विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को बताया कि नाबालिग अवस्था में वाहन चलाना कानूनन अपराध है और इससे सड़क दुर्घटनाओं का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। अधिकारियों ने हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने, निर्धारित गति सीमा का पालन करने, वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग नहीं करने, ट्रैफिक सिग्नलों का पालन करने और गलत दिशा में वाहन नहीं चलाने जैसे महत्वपूर्ण नियमों की जानकारी भी दी।

पुलिस ने विद्यार्थियों से अपने माता-पिता और परिवार के अन्य सदस्यों को भी यातायात नियमों के पालन के लिए प्रेरित करने की अपील की। वहीं, स्कूल प्रबंधन से कहा गया कि यदि कोई छात्र-छात्रा स्वयं वाहन चलाकर विद्यालय आता है तो उस पर तत्काल रोक लगाई जाए। साथ ही ऐसे विद्यार्थियों के अभिभावकों की बैठक आयोजित कर उन्हें मोटरयान अधिनियम के प्रावधानों और नाबालिगों के वाहन चलाने से होने वाले कानूनी व सामाजिक दुष्परिणामों की जानकारी दी जाए।
यातायात पुलिस ने बताया कि अभियान के तहत सेक्टर-4 स्थित एसएनजी स्कूल में पुलिस विभाग, विद्यालय प्रबंधन, परिवहन विभाग, ट्रैफिक वार्डन और पेरेंट्स यूनियन की संयुक्त बैठक आयोजित की जाएगी। इसमें नाबालिगों के वाहन संचालन पर प्रभावी रोक लगाने और सड़क सुरक्षा को लेकर आगे की रणनीति पर चर्चा होगी।

यातायात पुलिस ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने नाबालिग बच्चों को किसी भी परिस्थिति में वाहन चलाने की अनुमति न दें। बच्चों की सुरक्षा और सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
प्रधान संपादक



