अंबिकापुर CBN36। सरगुजा रेंज के पुलिस महानिरीक्षक दीपक कुमार झा ने सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए डायल-112 की कार्यप्रणाली की समीक्षा की। उन्होंने रेंज के सभी नोडल अधिकारियों, डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेशन सेंटर (डीसीसी) के कर्मचारियों, डायल-112 में तैनात जवानों और वाहन चालकों को आपातकालीन सूचना मिलने पर तय समय के भीतर घटनास्थल पहुंचकर त्वरित सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
आईजी ने कहा कि डायल-112 पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली का अहम हिस्सा है। कर्मचारियों को जनसेवा की भावना के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करना चाहिए, ताकि आम लोगों के बीच पुलिस की सकारात्मक छवि बने। उन्होंने कहा कि बेहतर रिस्पांस टाइम ही इस सेवा की सबसे बड़ी पहचान है।
समीक्षा के दौरान आईजी ने हाल में डायल-112 की टीमों द्वारा किए गए सराहनीय कार्यों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में एनीकट में डूब रहे एक युवक को स्थानीय लोगों और डायल-112 टीम की तत्परता से सुरक्षित बचा लिया गया। वहीं जशपुर जिले के लोरो घाटी में सड़क दुर्घटना के बाद ट्रक के केबिन में फंसे मालिक, चालक और हेल्पर को पुलिस और डायल-112 टीम ने राहत-बचाव अभियान चलाकर कटर मशीन से केबिन काटकर सुरक्षित बाहर निकाला।
आईजी ने डायल-112 वाहनों के संचालन और रखरखाव को लेकर भी सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आपातकालीन वाहनों का किसी भी निजी कार्य में उपयोग नहीं किया जाएगा और बिना आपात स्थिति के इनका दुरुपयोग नहीं होना चाहिए।
उन्होंने नोडल अधिकारियों से कहा कि ड्यूटी के दौरान किसी भी कर्मचारी द्वारा नशे का सेवन या अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऐसे मामलों में संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में रेंज के सभी नोडल अधिकारी, डीसीसी कर्मचारी तथा डायल-112 में तैनात जवान और वाहन चालक सहित करीब 248 कर्मचारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े रहे।
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