जांजगीर CBN 36 ।कार लूटने की साजिश रचकर चालक की बेरहमी से हत्या करने वाले तीन आरोपियों को जांजगीर की प्रधान सत्र न्यायालय ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। प्रधान सत्र न्यायाधीश जयदीप गर्ग ने राहुल श्रीवास, सोमप्रभात साहू और विवेकपुरी गोस्वामी को हत्या, अपहरण, लूट और साक्ष्य मिटाने का दोषी मानते हुए विभिन्न धाराओं में आजीवन कारावास एवं 10-10 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड जमा नहीं करने पर प्रत्येक धारा में छह-छह माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा।
अभियोजन के अनुसार, 13 अप्रैल 2024 को आरोपियों ने नया सिम लेकर कोटमी सोनार से अमरकंटक जाने के लिए एक स्विफ्ट डिजायर कार बुक कराई। चालक रमाकांत तिवारी रात में कार लेकर पहुंचा और तीनों आरोपियों को लेकर रवाना हुआ। रास्ते में एक ढाबे पर रुकने के दौरान आरोपियों ने चालक की हत्या कर कार लूटने की योजना बनाई।
रात करीब दो बजे गौरेला-पेंड्रा रोड पर खाना खाने के बहाने कार रुकवाई गई। इसके बाद आरोपियों ने रमाकांत तिवारी का गला दबाया और कार से उतारकर उसके सीने पर पत्थर से कई वार कर उसकी हत्या कर दी। शव को कार की पिछली सीट पर रखकर आरोपी लौटे और उसे ठिकाने लगाने का प्रयास किया। बाद में सारागांव थाना क्षेत्र के ग्राम लखुरी नहर के पास शव फेंक दिया, जबकि लूटी गई कार अकलतरा थाना क्षेत्र के ग्राम पचरी के पास छोड़कर फरार हो गए।
पुलिस जांच में मोबाइल नंबर, परिस्थितिजन्य साक्ष्य और आरोपियों के मेमोरेंडम के आधार पर तीनों को गिरफ्तार किया गया। मामले में 15 गवाहों के बयान दर्ज कराए गए। अभियोजन की ओर से लोक अभियोजक संदीप सिंह बनाफर ने पैरवी करते हुए इसे पूर्व नियोजित आपराधिक षड्यंत्र बताया और कठोर सजा की मांग की।
सभी साक्ष्यों के विश्लेषण के बाद न्यायालय ने माना कि परिस्थितिजन्य साक्ष्य की पूरी श्रृंखला आरोपियों की संलिप्तता सिद्ध करती है। न्यायालय ने कहा कि तीनों ने मिलकर लूट के उद्देश्य से चालक का अपहरण किया, उसकी हत्या की, कार और सामान लूटे तथा साक्ष्य मिटाने के लिए शव और कार को अलग-अलग स्थानों पर छोड़ दिया।
न्यायालय ने तीनों दोषियों को हत्या (धारा 302), अपहरण (धारा 364), लूट के लिए आपराधिक षड्यंत्र (धारा 397/120) और साक्ष्य मिटाने (धारा 201) के अपराध में आजीवन कारावास तथा प्रत्येक धारा में 10-10 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।
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