छत्तीसगढ़।बिलासपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक राम गोपाल गर्ग ने रेंज में पदस्थ नव-नियुक्त प्रशिक्षु उप निरीक्षकों की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक ली। रक्षित केंद्र स्थित चेतना भवन से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित इस बैठक में रेंज के सभी जिलों के पुलिस अधीक्षक शामिल हुए।
आईजी गर्ग ने कहा वर्दी की गरिमा और अनुशासन सर्वोपरि

आईजी श्री गर्ग ने नव-नियुक्त अधिकारियों को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि वर्दी पहनने के बाद वे केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि विभाग का चेहरा बन जाते हैं। उन्होंने अधिकारियों को जनता के सामने उदाहरण पेश करने के लिए स्वयं यातायात नियमों का सख्ती से पालन करने और मर्यादित आचरण बनाए रखने की हिदायत दी।
बैठक का मुख्य जोर पुलिसिंग के आधुनिकीकरण पर रहा। आईजी ने अनिवार्य रूप से सीसीटीएन में स्वयं प्रविष्टियां करने,सशक्त ई-साक्ष्य मितान और समाधान जैसे ऐप्स का पूर्ण उपयोग करने और सोशल मीडिया और साइबर सुरक्षा में निपुणता हासिल करने पर बल दिया।
संवेदनशीलता और कर्तव्यनिष्ठा

आईजी गर्ग ने कहा कि पुलिस का प्राथमिक कर्तव्य पीड़ित की बात धैर्यपूर्वक सुनना और उन्हें त्वरित न्याय का भरोसा दिलाना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी अधिकारियों को अपनी डेली डायरी व्यवस्थित रखनी होगी, जिसकी कभी भी औचक जांच की जा सकती है।
आने वाले भविष्य की जिम्मेदारी
विवेचना कौशल विकसित करने के लिए प्रत्येक प्रशिक्षु उप निरीक्षक को न्यूनतम पांच समन और पांच वारंट तामील करने, पुरानी एफआईआर एवं चार्जशीट का अध्ययन करने तथा अनुभवी विवेचकों से कार्यप्रणाली सीखने की सलाह दी गई। साथ ही थानों में आने वाले पीड़ितों की समस्याओं को धैर्यपूर्वक सुनकर उन्हें कानून सम्मत कार्रवाई का भरोसा दिलाने पर जोर दिया गया।

बैठक में विभागीय आचरण नियमों के पालन और दैनिक डायरी के नियमित संधारण के निर्देश भी दिए गए। आईजी श्री गर्ग ने कहा कि आगामी 20 से 25 वर्षों तक छत्तीसगढ़ पुलिस की कार्य प्रणाली और छवि को सुदृढ़ बनाने की जिम्मेदारी इसी नए बैच पर होगी। उन्होंने सभी नव प्रशिक्षु उप निरीक्षकों को शुभकामनाएं देते हुए पूर्ण निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ कार्य करने का आह्वान किया।
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