जशपुर। शासन की महत्वाकांक्षी शैक्षणिक योजनाओं का दुरुपयोग करने के मामले में पत्थलगांव पुलिस ने एक शासकीय शिक्षक को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि शिक्षक ने अपनी वास्तविक आय छिपाकर फर्जी आय प्रमाण पत्र बनवाया और अपनी पुत्री को पंडित जवाहरलाल नेहरू उत्कर्ष योजना के तहत निःशुल्क प्रवेश दिलाया।
एसएसपी डॉ लाल उमेद सिंह ने बताया कि कांसाबेल निवासी ददिबल प्रसाद विश्वकर्मा ने थाना पत्थलगांव में शिकायत दर्ज कराई थी कि ग्राम जामझोर निवासी शासकीय शिक्षक चमर साय पैकरा ने अपनी वार्षिक आय मात्र 75 हजार रुपये दर्शाते हुए आय प्रमाण पत्र बनवाया तथा शपथ पत्र के माध्यम से अपनी पुत्री का शैक्षणिक सत्र 2024-25 में कक्षा छठवीं में उत्कर्ष योजना के अंतर्गत प्रवेश कराया।
शिकायत की जांच के दौरान पुलिस ने संबंधित दस्तावेजों और विभागीय अभिलेखों का परीक्षण किया। खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय से प्राप्त वेतन संबंधी रिकॉर्ड में शिक्षक की वार्षिक आय लगभग 6.79 लाख रुपये पाई गई। वहीं आदिवासी विकास विभाग से प्राप्त जानकारी और अन्य साक्ष्यों से यह भी स्पष्ट हुआ कि आरोपी ने स्वयं को कृषक बताते हुए वास्तविक आय छिपाई और गलत जानकारी देकर योजना का लाभ लिया।
पुलिस ने बताया कि आरोपी के इस कृत्य से योजना के वास्तविक पात्र एवं आर्थिक रूप से कमजोर प्रतिभावान विद्यार्थियों के अधिकार प्रभावित हुए हैं। जांच में आरोप प्रमाणित पाए जाने पर थाना पत्थलगांव में अपराध क्रमांक 55/2026 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) के तहत कार्रवाई की गई।
पुलिस ने आरोपी चमर साय पैकरा (41 वर्ष) को शनिवार दोपहर गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
जशपुर के पुलिस अधीक्षक एवं डीआईजी डॉ. लाल उमेद सिंह ने कहा कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं में फर्जी दस्तावेज, मिथ्या जानकारी अथवा धोखाधड़ी के माध्यम से लाभ लेने वालों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
मामले की जांच एवं गिरफ्तारी की कार्रवाई में निरीक्षक विनीत कुमार पाण्डेय, सहायक उप निरीक्षक लखेश कुमार साहू, आरक्षक राजेन्द्र रात्रे तथा साइबर सेल की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
प्रधान संपादक


