छत्तीसगढ़ ।बिलासपुर सोशल मीडिया पर इन दिनों एक कथित वीडियो रील तेजी से वायरल हो रही है, जिसे बिलासपुर केंद्रीय जेल के भीतर का बताकर भ्रामक तरीके से प्रचारित किया जा रहा है। मामले को गंभीरता से लेते हुए जेल प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वीडियो को गलत संदर्भ में पेश किया गया है और इसके संबंध में कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जेल प्रशासन के अनुसार, वीडियो का अवलोकन करने पर यह स्पष्ट होता है कि इसे प्रतिबंधित क्षेत्र के भीतर से नहीं, बल्कि खिड़की के बाहर से बनाया गया है। साथ ही वीडियो को कई बार ज़ूम कर और एडिट कर भ्रामक रूप दिया गया है, जिससे वास्तविक स्थिति को तोड़-मरोड़ कर प्रस्तुत किया गया।

केंद्रीय जेल अधीक्षक खोगेश मंडावी ने बताया कि इस तरह से एडिटेड वीडियो तैयार कर उसे जेल के अंदर का बताना गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। उन्होंने कहा कि मामले में अपराध दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
जेल अधीक्षक ने आगे बताया कि यह वीडियो पुराना प्रतीत होता है, जिसे वर्तमान का बताकर वायरल किया जा रहा है, जिससे आमजन में भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है।
इस संबंध में अधीक्षक मंडावी ने बताया कि एसएसपी रजनेश सिंह को पूरे मामले को अवगत करा कर अपराध दर्ज करायेंगे ।पुलिस प्रशासन ने भी स्पष्ट किया है कि जेल अधीक्षक शिकायत दर्ज कराते हैं तो वीडियो की सत्यता और स्रोत की जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
एसएसपी रजनेश सिंह का कड़ा संदेश

एसएसपी रजनेश सिंह ने कहा है कि भ्रामक एडिटेड या फर्जी सामग्री को सोशल मीडिया पर प्रसारित करना दंडनीय अपराध है। ऐसे कृत्य करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। आम नागरिकों से अपील की गई है कि वे किसी भी अपुष्ट या संदिग्ध सामग्री को साझा करने से बचें और जिम्मेदारी के साथ सोशल मीडिया का उपयोग करें।
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