
“खोए मोबाइल वापस पाकर खिले चेहरे, दुर्ग पुलिस ने किया सराहनीय कार्य एसीयू की बड़ी सफलता: 205 गुम मोबाइल खोजकर मालिकों को सौंपे”

दुर्ग। 5 अप्रैल 2026।जिले में बढ़ते मोबाइल गुमशुदगी और चोरी के मामलों पर सख्त रुख अपनाते हुए एसएसपी विजय अग्रवाल के नेतृत्व में दुर्ग पुलिस ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट (एसीयू) की टीम ने विशेष अभियान चलाकर 205 गुम मोबाइल फोन बरामद किए, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 50 लाख रुपये आंकी गई है। पुलिस अब इन मोबाइल फोन को उनके वास्तविक मालिकों को सौंप रही है।

पुलिस के अनुसार, वर्ष 2023 से 2026 के बीच मोबाइल गुमशुदगी से जुड़े मामलों में लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इसे गंभीरता से लेते हुए एसएसपी विजय अग्रवाल ने एसीयू को विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। इसके बाद टीम ने तकनीकी विश्लेषण, सर्विलांस और नेटवर्क ट्रैकिंग के माध्यम से दुर्ग, भिलाई, राजनांदगांव, बालोद, बेमेतरा और रायपुर क्षेत्रों में व्यापक जांच अभियान चलाया।


जांच के दौरान कई मामलों में मोबाइल फोन के अवैध उपयोग और संदिग्ध लेन-देन के संकेत भी मिले, जिन पर पुलिस अलग से निगरानी रख रही है। अधिकारियों का कहना है कि मोबाइल चोरी और गुमशुदगी के पीछे सक्रिय गिरोहों की पहचान कर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है।
एसएसपी विजय अग्रवाल ने कहा कि आम नागरिकों की संपत्ति की सुरक्षा पुलिस की प्राथमिकता है और इस तरह के मामलों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में भी मोबाइल चोरी और साइबर अपराधों के खिलाफ इसी तरह सख्त अभियान जारी रहेगा।


बरामद मोबाइल फोन का सत्यापन करने के बाद उन्हें संबंधित मालिकों को सौंपा जा रहा है। इस पूरी कार्रवाई में एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट के निरीक्षक प्रमोद कुमार सरिया के नेतृत्व में टीम की अहम भूमिका रही।
इस अवसर पर एसएसपी विजय अग्रवाल ने नागरिकों को यातायात नियमों के पालन और हेलमेट उपयोग के प्रति भी जागरूक किया। दोपहिया वाहन चालकों को अनिवार्य रूप से हेलमेट पहनने की शपथ दिलाई गई और सड़क सुरक्षा को लेकर सतर्क रहने की अपील की गई।


श्री अग्रवाल ने नागरिकों से अपील की है कि मोबाइल गुम या चोरी होने पर तुरंत नजदीकी थाना में रिपोर्ट दर्ज कराएं और भारत सरकार के CEIR पोर्टल (www.ceir.gov.in) पर भी आवश्यक जानकारी दर्ज करें। इससे मोबाइल की ट्रैकिंग, ब्लॉकिंग और वैधानिक कार्रवाई में सहायता मिलती है।
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