
“प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की धर्म पत्नी श्रीमती कौशल्या देवी साय एवं प्रदेश के पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम की गरिमामयी उपस्थिति में हुआ विमोचन ”

“पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम ने साइबर अपराधों को वर्तमान समय की सबसे बड़ी चुनौती बताते हुए कहा कि तकनीक के बढ़ते उपयोग के साथ अपराध के स्वरूप भी तेजी से बदल रहे हैं। ऐसे में केवल कानून व्यवस्था ही नहीं, बल्कि जनजागरूकता भी उतनी ही जरूरी है,फिल्म लोगों को सतर्क रहने और ठगी से बचने में करेगी मदद”

छत्तीसगढ़।जशपुर के सांस्कृतिक परिदृश्य में एक सार्थक और समसामयिक पहल के रूप में उभरी शॉर्ट फिल्म ख़ौफ़ -द डिजिटल वॉर ने यह साबित कर दिया है कि सिनेमा केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना का सशक्त माध्यम भी है। साइबर फ्रॉड जैसे ज्वलंत मुद्दे पर केंद्रित इस फिल्म का भव्य शुभारंभ जशपुर के विशिष्ट कम्युनिटी हॉल सभागार में गरिमामय वातावरण में किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की धर्म पत्नी श्रीमती कौशल्या देवी साय तथा प्रदेश के पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम उपस्थित रहे। इस अवसर पर जिले के प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
सामाजिक सरोकार से जुड़ी पहल

फिल्म का निर्माण जशपुर के एसएसपी एवं उप पुलिस महानिरीक्षक आईपीएस शशि मोहन सिंह द्वारा किया गया है, जिन्होंने इसकी कहानी लेखन, निर्देशन और अभिनय की जिम्मेदारी भी निभाई है। फिल्म में उन्होंने एक साइबर ठगी के शिकार शिक्षक की भूमिका अदा की है। इससे पूर्व भी सामाजिक विषयों पर आधारित शॉर्ट मूवी कजरी सोशल मीडिया में खूब सुर्ख़ियाँ बटोर चुकी हैं
साइबर ठगी के तरीकों का यथार्थ चित्रण
फिल्म के केंद्र में आज के डिजिटल युग की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक साइबर अपराध को रखा गया है। ऑनलाइन ठगी, फिशिंग और डिजिटल फ्रॉड के बढ़ते मामलों के बीच यह फिल्म आमजन को सतर्क रहने का संदेश देती है। फिल्म की विशेषता यह है कि इसमें अपराधियों द्वारा अपनाए जाने वाले नए-नए तरीकों को बेहद प्रभावी और सरल तरीके से दर्शाया गया है, जिससे दर्शक आसानी से जुड़ पाते हैं।फिल्म का उद्देश्य लोगों को जागरूक कर इस प्रकार के अपराधों से बचाव के प्रति प्रेरित करना है।
आईपीएस पुलिस अधिकारी की रचनात्मक पहल

इस फिल्म की सबसे उल्लेखनीय बात यह है कि पिता और पुत्र एक ही फ्रेम में अभिनय करते दिख रहे हैं । जशपुर में एसएसपी रहते इस फिल्म को एसएसपी आईपीएस शशि मोहन सिंह ने स्वयं लिखा, निर्देशित किया और अभिनय भी किया है। इसी दौरान उन्हें रायगढ़ जिले में एसपी की महत्त्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई।फ़िल्म में एक पीड़ित शिक्षक की भूमिका में उनका अभिनय दर्शकों को भावनात्मक रूप से जोड़ता है।उनकी यह पहल यह दर्शाती है कि प्रशासनिक जिम्मेदारियों के साथ-साथ सामाजिक सरोकारों के प्रति उनकी संवेदनशीलता कितनी गहरी है।
स्थानीय कलाकारों का सराहनीय अभिनय
फिल्म में प्रवीण अग्रवाल, कुंदन सिंह, ऋभु समर्थ सिंह, वंशिका गुप्ता, लायरा जैन और राम प्रकाश पाण्डेय सहित स्थानीय कलाकारों ने अभिनय किया है। सभी कलाकारों की प्रस्तुति को दर्शकों ने सराहा। कार्यक्रम के दौरान कलाकारों ने मंच से अपने अनुभव भी साझा किए।यह पहल न केवल जागरूकता का माध्यम बनी, बल्कि स्थानीय कलाकारों के लिए एक सशक्त मंच भी सिद्ध हुई।
श्रीमती कौशल्या देवी साय ने की सराहना ,दी शुभकामनाएँ कहा आम नागरिकों को डिजिटल सुरक्षा के प्रति सचेत करेगी यह फ़िल्म
श्रीमती कौशल्या देवी साय ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं और आमजन को जागरूक करना अत्यंत आवश्यक हो गया है। उन्होंने कहा कि सिनेमा जैसे प्रभावी माध्यम से यदि समाज को जागरूक किया जाए, तो उसका असर व्यापक और स्थायी होता है। ख़ौफ़ – द डिजिटल वॉर इसी दिशा में एक सार्थक प्रयास है। यह फिल्म विशेष रूप से युवाओं और आम नागरिकों को डिजिटल सुरक्षा के प्रति सचेत करेगी।

उन्होंने एसएसपी शशि मोहन सिंह की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि पुलिस प्रशासन का यह रचनात्मक प्रयास समाज के लिए प्रेरणादायक है। साथ ही, उन्होंने फिल्म से जुड़े सभी कलाकारों और टीम को शुभकामनाएं दीं।
डीजीपी अरुण देव गौतम ने कहा कानून व्यवस्था ही नहीं, जनजागरूकता भी जरूरी
प्रदेश के पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम ने अपने संबोधन में साइबर अपराधों को वर्तमान समय की सबसे बड़ी चुनौती बताते हुए कहा कि तकनीक के बढ़ते उपयोग के साथ अपराध के स्वरूप भी तेजी से बदल रहे हैं। ऐसे में केवल कानून व्यवस्था ही नहीं, बल्कि जनजागरूकता भी उतनी ही जरूरी है। यह फिल्म लोगों को सतर्क रहने और ठगी से बचने के व्यावहारिक तरीके सिखाती है।

उन्होंने कहा कि इस प्रकार के प्रयास पुलिस और समाज के बीच विश्वास को मजबूत करते हैं। साथ ही उन्होंने निर्देश दिए कि फिल्म के संदेशों का सोशल मीडिया, शैक्षणिक संस्थानों और जनसंपर्क माध्यमों के जरिए व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाना चाहिए, ताकि हर वर्ग तक यह जागरूकता पहुंचे।
संस्कृति और मंचन को मिल रहा बढ़ावा

राष्ट्रीय नाट्य महोत्सव के प्रमुख डॉ. आनंद पाण्डेय ने बताया कि इस प्रकार के आयोजनों से स्थानीय कलाकारों को मंच मिल रहा है और वे लघु फिल्मों के माध्यम से अपनी प्रतिभा को निखार रहे हैं। उन्होंने जशरंग महोत्सव की निरंतरता बनाए रखने की बात कही।
गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति

कार्यक्रम में आरएसएस के वरिष्ठ नेता राजीव नंदे, कलेक्टर रोहित व्यास, एसएसपी लाल उमेद सिंह, जिला पंचायत सीईओ अभिषेक कुमार, डीएफओ शशि कुमार सहित अन्य अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। महिला समूह सजल ग्रुप की महिलाओं सहित बड़ी संख्या में नागरिकों ने कार्यक्रम में भाग लिया।
संदेश जो समाज तक पहुँचना चाहिए ,एसएसपी शशि मोहन सिंह द्वारा जन-जन तक पहुंचाने की अपील
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि फिल्म को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे इस फिल्म को अधिक से अधिक साझा करें, ताकि साइबर फ्रॉड के प्रति जागरूकता व्यापक स्तर पर फैल सके।उन्होंने कहा ख़ौफ़ – द डिजिटल वॉर केवल एक फिल्म नहीं, बल्कि एक सामाजिक अभियान है, जो सिनेमा के माध्यम से समाज को जागरूक और सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।पूरी फिल्म देखने के लिए https://youtu.be/I980Qr-9YL8?si=2lyz53n67E2lOfHN पर क्लिक करें ।
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