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March 31, 2026 7:31 pm

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने 30,000 करोड़ से अधिक माल राजस्व अर्जित कर रचा नया कीर्तिमान

बिलासपुर।देश की ऊर्जा एवं औद्योगिक आपूर्ति श्रृंखला को मजबूती प्रदान करने में अग्रणी भूमिका निभा रहे दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में 30,000 करोड़ से अधिक का ऑरिजिनेटिंग फ्रेट रेवेन्यू अर्जित कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। यह उपलब्धि 28 मार्च 2026 को मात्र 362 दिनों में हासिल की गई, जो अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन माना जा रहा है।

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने पहली बार 30,000 करोड़ का आंकड़ा पार करते हुए भारतीय रेल में अपनी अग्रणी स्थिति को और सुदृढ़ किया है। 29 मार्च 2026 तक यह राजस्व बढ़कर ₹30,123.26 करोड़ तक पहुँच गया, जो इसके निरंतर बढ़ते प्रदर्शन का संकेत है।

प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने भारतीय रेल के कुल माल राजस्व में लगभग 17.11 प्रतिशत का योगदान दिया है। साथ ही, चालू वित्तीय वर्ष में पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 1015 करोड़ की अतिरिक्त आय अर्जित की गई, जो करीब 3.5 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाती है। यह उपलब्धि कुशल प्रबंधन, प्रभावी कार्ययोजना और सतत निगरानी का परिणाम मानी जा रही है।

अन्य प्रमुख जोनों की तुलना में भी दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे का प्रदर्शन उल्लेखनीय रहा है। जहां इसने लगभग 30,123 करोड़ का राजस्व अर्जित कर शीर्ष स्थान प्राप्त किया, वहीं पूर्व तटीय रेलवे ने 28,967 करोड़, पूर्व मध्य रेलवे ने 24,311 करोड़ तथा दक्षिण पूर्व रेलवे ने 17,794 करोड़ का राजस्व अर्जित किया।

पिछले वर्षों के आंकड़े भी रेलवे की निरंतर प्रगति को दर्शाते हैं। वर्ष 2020-21 में 18,128 करोड़ से शुरू हुई यह यात्रा 2021-22 में 22,943 करोड़, 2022-23 में 26,581 करोड़, 2023-24 में 27,794 करोड़ और 2024-25 में 29,372 करोड़ तक पहुँची, जो सतत विकास की स्पष्ट तस्वीर प्रस्तुत करती है।

वस्तु-वार प्रदर्शन में कोयला परिवहन में वृद्धि के साथ इस्पात संयंत्रों हेतु कच्चे माल की ढुलाई में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। लौह अयस्क, सीमेंट एवं क्लिंकर के परिवहन में भी सुधार देखा गया है। इसके अलावा खाद्यान्न परिवहन तथा कंटेनर ट्रैफिक में वृद्धि रेलवे के विविध क्षेत्रों में विस्तार को दर्शाती है।

अधोसंरचना विकास के क्षेत्र में भी दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने महत्वपूर्ण प्रगति की है। कई प्रमुख रेलखंडों पर तीसरी एवं चौथी रेल लाइनों के निर्माण एवं कमीशनिंग से परिचालन क्षमता में वृद्धि हुई है, जिससे यात्री और माल यातायात दोनों अधिक सुगम एवं समयबद्ध हुए हैं।

यह उपलब्धि दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक तरुण प्रकाश के नेतृत्व, अधिकारियों एवं कर्मचारियों के समन्वित प्रयास और समर्पित कार्यशैली का परिणाम मानी जा रही है। ग्राहक-केंद्रित नीतियों, आधुनिक तकनीक के उपयोग तथा व्यवसाय विकास इकाइयों की सक्रिय भूमिका ने इस सफलता में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने संकेत दिया है कि वह भविष्य में भी इसी प्रतिबद्धता के साथ देश की औद्योगिक एवं आर्थिक आवश्यकताओं की पूर्ति करते हुए माल लदान एवं राजस्व के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करने का प्रयास जारी रखेगा।

रवि शुक्ला
रवि शुक्ला

प्रधान संपादक

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