Explore

Search

March 18, 2026 9:52 pm

गोल्डन ऑवर में जीवन की डोर: एसएसपी रजनेश सिंह ने बताया बिलासपुर में पीएम राहत योजना बन रही हादसा पीड़ितों के लिए संजीवनी

“बिलासपुर में पीएम राहत योजना केवल एक सरकारी पहल नहीं, बल्कि एक मानवीय प्रयास ,जो हर नागरिक को संकट की घड़ी में आगे आने की प्रेरणा देती है। क्योंकि सड़क पर घायल व्यक्ति सिर्फ एक अजनबी नहीं, बल्कि किसी का अपना होता है”

छत्तीसगढ़ ।सड़क पर एक पल की लापरवाही कभी-कभी किसी परिवार की पूरी दुनिया बदल देती है। दुर्घटना के बाद के शुरुआती क्षण जिन्हें ‘गोल्डन ऑवर’ कहा जाता है अक्सर जीवन और मृत्यु के बीच का अंतर तय करते हैं। ऐसे नाजुक समय में केंद्र सरकार की पीएम राहत योजना बिलासपुर जिले में हादसा पीड़ितों के लिए उम्मीद की किरण बनकर उभर रही है।

जिले में पुलिस विभाग भी इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर सक्रिय भूमिका निभा रहा है। डीआईजी एवं एसएसपी आईपीएस रजनेश सिंह स्वयं चेतना अतुलनीय बिलासपुर सुरक्षित बिलासपुर ,शॉर्ट मूवी और जनजागरूकता अभियानों के माध्यम से आमजन को जागरूक कर रहे हैं। साथ ही नशे में वाहन चलाने और तेज रफ्तार के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। उनका उद्देश्य स्पष्ट है कि दुर्घटना के बाद घायल को तुरंत, निःशुल्क और गुणवत्तापूर्ण इलाज मिल सके, ताकि समय रहते उसकी जान बचाई जा सके।

जिले में आईआरडीए से संबद्ध 43 अस्पताल इस योजना के तहत कैशलेस उपचार की सुविधा प्रदान कर रहे हैं। योजना के अंतर्गत दुर्घटना पीड़ित को सात दिनों तक अधिकतम 1.50 लाख रुपये तक का उपचार बिना किसी खर्च के उपलब्ध कराया जाता है।

कैसे काम करती है योजना

एसएसपी रजनेश सिंह के अनुसार, दुर्घटना के बाद यदि घायल को 24 घंटे के भीतर अस्पताल में भर्ती कराया जाता है, तो अस्पताल द्वारा उसे TMS 2.0 पोर्टल पर दर्ज किया जाता है। इसके बाद पुलिस विभाग 24 घंटे के भीतर मामले का सत्यापन करता है। गंभीर रूप से घायलों के लिए 48 घंटे तक स्थिरीकरण उपचार की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है, जिससे उनकी स्थिति नियंत्रित की जा सके।

हर किसी के लिए समान सुविधा

उन्होंने बताया कि यह योजना केवल छत्तीसगढ़ के नागरिकों तक सीमित नहीं है। सड़क दुर्घटना का कोई भी पीड़ित चाहे वह किसी भी राज्य का निवासी हो इस योजना का लाभ उठा सकता है। इस प्रकार यह योजना सार्वभौमिक सहायता का एक सशक्त उदाहरण बन रही है।

एसएसपी की पहल और अपील

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एवं उप पुलिस महानिरीक्षक रजनेश सिंह के निर्देश पर बिलासपुर पुलिस लगातार जागरूकता अभियान चला रही है। कार्यशालाओं और जनसंपर्क कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को योजना की जानकारी दी जा रही है।

एएसपी यातायात रामगोपाल करियारे ने भी नागरिकों से अपील की है कि यदि कहीं सड़क दुर्घटना दिखाई दे, तो घायल को तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाएं। आपकी तत्परता किसी की जान बचा सकती है।

मानवता की सबसे बड़ी परीक्षा

अक्सर लोग कानूनी प्रक्रिया या पुलिस झंझट के डर से दुर्घटना पीड़ितों की मदद करने से हिचकिचाते हैं। लेकिन यह योजना ऐसे डर को दूर करते हुए यह संदेश देती है कि सबसे पहले इंसानियत है। समय पर उठाया गया एक कदम किसी परिवार के लिए जीवनदान साबित हो सकता है।

बिलासपुर में पीएम राहत योजना केवल एक सरकारी पहल नहीं, बल्कि एक मानवीय प्रयास है, जो हर नागरिक को संकट की घड़ी में आगे आने की प्रेरणा देती है। क्योंकि सड़क पर घायल व्यक्ति सिर्फ एक अजनबी नहीं, बल्कि किसी का अपना होता है।

रवि शुक्ला
रवि शुक्ला

प्रधान संपादक

Advertisement Carousel
CRIME NEWS

BILASPUR NEWS