दुर्ग। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल के मार्गदर्शन में नवीन आपराधिक कानूनों के प्रावधानों के तहत ई-साक्ष्य एवं ई-समंस के उपयोग को लेकर दुर्ग पुलिस द्वारा एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह प्रशिक्षण 15 मार्च को रक्षित केन्द्र दुर्ग के प्रशासनिक भवन स्थित “दधीचि प्रशिक्षण हॉल” में आयोजित हुआ, जिसमें जिले के कोर्ट मोहर्रिर, समंस-वारंट आरक्षक तथा तकनीकी स्टाफ ने भाग लिया।
प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों ने बताया कि डिजिटल तकनीक के माध्यम से प्राप्त ई-साक्ष्य अपराधों की विवेचना को सुदृढ़ बनाते हैं और न्यायालय में आरोपियों को दंडित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। साथ ही विवेचना के दौरान आरोपियों एवं गवाहों के मोबाइल नंबर का सही इंद्राज करने के निर्देश दिए गए, जिससे ई-समंस जारी करने की प्रक्रिया को सरल और प्रभावी बनाया जा सके।

कार्यक्रम में प्रोजेक्टर के माध्यम से ई-साक्ष्य एवं ई-समंस से संबंधित पोर्टल के उपयोग की तकनीकी जानकारी विस्तार से दी गई। उपस्थित कर्मचारियों को डिजिटल प्रक्रियाओं के संबंध में व्यवहारिक मार्गदर्शन भी प्रदान किया गया, जिससे वे विवेचना के दौरान इन सुविधाओं का प्रभावी उपयोग कर सकें।

प्रशिक्षण कार्यक्रम के सफल संचालन में उप पुलिस अधीक्षक (लाइन) चन्द्र प्रकाश तिवारी, रक्षित निरीक्षक नीलकंठ वर्मा, आरक्षक क्रमांक 897 कांशी राम बरेठ (प्रभारी सीसीटीएनएस भिलाई), आरक्षक क्रमांक 1617 विनीत साहू (सीसीटीएनएस भिलाई), महिला आरक्षक क्रमांक 450 मनीषा यादव, महिला आरक्षक क्रमांक 504 गोदावरी तथा नेफीस (सीसीटीएनएस भिलाई) की सराहनीय भूमिका रही। प्रशिक्षण में जिला दुर्ग के कुल 93 अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
प्रधान संपादक


