
वीडियो वायरल होते ही एसएसपी विजय अग्रवाल ने लिया संज्ञान, डीएसपी को सौंपी जांच, कहा जांच के बाद होगी आगे की कार्रवाई

भिलाईनगर, 15 मार्च। दुर्ग जिले के छावनी थाना क्षेत्र में पुलिस की कथित दबंगई का मामला सामने आया है। पावर हाउस रेलवे स्टेशन के पास खड़े एक युवक के साथ दो आरक्षकों द्वारा मारपीट और बदसलूकी किए जाने का आरोप लगा है। युवक की पहचान नागेश साहू के रूप में हुई है, जो भाजपा किसान मोर्चा राजनांदगांव के जिला उपाध्यक्ष आनंद साहू के छोटे भाई बताए जा रहे हैं। घटना का सीसीटीवी वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
मामले की जानकारी मिलने के बाद दुर्ग के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आईपीएस विजय कुमार अग्रवाल ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दोनों आरक्षकों को लाइन अटैच कर दिया है। साथ ही पूरे मामले की जांच डीएसपी लाइन चंद्रप्रकाश तिवारी को सौंप दी गई है।
ऐसे हुई घटना

जानकारी के अनुसार 12 मार्च की रात नागेश साहू अपने व्यापारिक कार्य से भिलाई आए हुए थे। वह पावर हाउस रेलवे स्टेशन के पास अपने कुछ साथियों के साथ खड़े थे। इसी दौरान छावनी थाना में पदस्थ कॉन्स्टेबल लव पांडेय और राकेश चौधरी वहां पहुंचे और खड़े लोगों को हटाने लगे।
बताया जा रहा है कि पुलिस को देखते ही अधिकांश लोग वहां से हट गए, लेकिन नागेश साहू और उनके कुछ साथी वहीं खड़े रहे। आरोप है कि इसी बात से नाराज होकर कॉन्स्टेबल राकेश चौधरी ने बंदूक को उल्टा कर उसके बट से नागेश साहू को मारा और कॉलर पकड़कर पीछे धकेल दिया।
भाजपा नेता ने लगाए आरोप
नागेश साहू के बड़े भाई आनंद साहू, जो भाजपा किसान मोर्चा राजनांदगांव के जिला उपाध्यक्ष हैं, ने पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि उनके भाई ने कोई अपराध नहीं किया था, इसके बावजूद पुलिस ने उसके साथ मारपीट की।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि दोनों पुलिसकर्मी नशे की हालत में थे और उनकी शर्ट के बटन भी खुले हुए थे। आनंद साहू ने कहा कि वे इस मामले में पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करेंगे।
भुगतान लेने भिलाई आए थे नागेश
आनंद साहू ने बताया कि राजनांदगांव में उनका ढाबा है, जिसका संचालन उनका भाई नागेश साहू भी करता है। भिलाई में उनके यहां पहले काम करने वाला एक कर्मचारी था, जिसने हाल ही में नौकरी छोड़ दी थी और उसका कुछ एडवांस पैसा बाकी था। उसी भुगतान को लेने के लिए नागेश साहू भिलाई आए थे।
ड्यूटी सराफा बाजार में, पहुंचे स्टेशन
सूत्रों के मुताबिक जिस रात यह घटना हुई, उस समय दोनों कॉन्स्टेबल की ड्यूटी पावर हाउस स्थित सराफा बाजार में लगाई गई थी। इसके बावजूद वे रेलवे स्टेशन क्षेत्र में पहुंच गए और वहां मौजूद लोगों को हटाने लगे।
एसएसपी विजय अग्रवाल बोले जांच के बाद होगी आगे की कार्रवाई
दुर्ग के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय कुमार अग्रवाल ने बताया कि मामला संज्ञान में आते ही दोनों आरक्षकों को थाने से हटाकर लाइन अटैच कर दिया गया है। पूरे प्रकरण की जांच डीएसपी लाइन चंद्रप्रकाश तिवारी को सौंपी गई है और उन्हें जल्द रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
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