
बिलासपुर ।एसईसीएल मुख्यालय में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2026 के अवसर पर एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम विप्स (वीमेन इन पब्लिक सेक्टर) के तत्वावधान में एसईसीएल ऑडिटोरियम में आयोजित हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में महिला अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल हुए।
कार्यक्रम में पद्मश्री और अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित तथा भारतीय महिला क्रिकेट टीम की पूर्व कप्तान मिताली राज मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहीं। इस दौरान उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि मेहनत, अनुशासन और निरंतर अभ्यास ही सफलता की असली कुंजी हैं। उन्होंने बताया कि महिला क्रिकेट ने लंबा सफर तय किया है और अब यह पुरुष क्रिकेट के समान पहचान और सम्मान प्राप्त कर रहा है।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में एसईसीएल के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक हरीश दुहन तथा एसईसीएल परिवार की प्रथम महिला एवं श्रद्धा महिला मंडल की अध्यक्षा शशि दुहन मौजूद रहीं।

कार्यक्रम में एसईसीएल के निदेशक (तकनीकी/संचालन) एन. फ्रैंकलिन जयकुमार, निदेशक (मानव संसाधन) बिरंची दास, निदेशक (वित्त) डी. सुनील कुमार तथा मुख्य सतर्कता अधिकारी हिमांशु जैन सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। इसके अलावा श्रद्धा महिला मंडल की उपाध्यक्षगण एवं विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
कार्यक्रम के दौरान आयोजित फायरसाइड चैट में मिताली राज ने अपने करियर के अनुभव साझा किए। संवाद का संचालन निदेशक (मानव संसाधन) बिरंची दास ने किया। मिताली राज ने बताया कि जब उन्होंने अपने करियर की शुरुआत की थी, तब महिलाओं के लिए खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ना आसान नहीं था। ऐसे समय में मानसिक रूप से मजबूत रहना, अपनी सीमाओं को लगातार आगे बढ़ाना और चुनौतियों का सामना करना बेहद जरूरी था।
उन्होंने युवाओं, विशेषकर महिलाओं से आह्वान किया कि वे अपने सपनों को हासिल करने के लिए पूरी निष्ठा के साथ प्रयास करें और किसी भी परिस्थिति में हार न मानें।

इस मौके पर अपने संबोधन में सीएमडी हरीश दुहन ने कहा कि आज महिलाओं के लिए अवसरों के नए द्वार खुल रहे हैं और अब समय है कि महिलाएँ नेतृत्व की भूमिका में आगे आएँ। उन्होंने बताया कि एसईसीएल में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है और संगठन महिला सशक्तिकरण के लिए कई पहल कर रहा है।
उन्होंने कहा कि कोल इंडिया की पहली पूर्णतः महिला संचालित डिस्पेंसरी, महिला संचालित सेंट्रल स्टोर यूनिट तथा सीएसआर के तहत ‘सुश्रुत योजना’ जैसी पहलें इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। इसके साथ ही एसईसीएल इस वर्ष ‘प्रोजेक्ट धराशक्ति’ शुरू करने जा रहा है, जिसका उद्देश्य भर्ती हो रही महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण देकर उनकी योग्यता के अनुरूप कार्य अवसर उपलब्ध कराना है।

कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण टाइम्स ऑफ इंडिया समाचार समूह के सहयोग से प्रकाशित एसईसीएल की महिला सशक्तिकरण पहलों पर आधारित विशेष परिशिष्ट का विमोचन रहा, जो अगले दिन समाचार पत्र के साथ वितरित किया जाएगा।
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न प्रतियोगिताओं एवं उत्कृष्ट उपलब्धियों के लिए महिला अधिकारियों और कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। साथ ही रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में उत्साह और ऊर्जा का संचार किया।
प्रधान संपादक


