Explore

Search

May 18, 2026 11:55 am

66 अप अभियंताओं को सुप्रीम कोर्ट से मिली राहत, हाई कोर्ट के फैसले पर लगाई रोक

बिलासपुर। ग्रामीण अभियांत्रिक सेवा में काम करने वाले 66 सब-इंजीनियरों को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिली है। हाई कोर्ट ने इन सभी सब इंजीनियरों की नियुक्ति को निरस्त कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के फैसले पर अंतरिम रोक लगा दी है।

भर्ती प्रक्रिया को लेकर याचिकाकर्ता रवि तिवारी ने अधिवक्ता शाल्विक तिवारी के माध्यम से बिलासपुर हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। 3 फरवरी 2026 को मामले की सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने भर्ती को अवैध करार देते हुए 66 उप अभियंताओं की नियुक्तियां निरस्त कर दी थी।

हाई कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था, भर्ती विज्ञापन के अनुसार अभ्यर्थियों के पास कट-ऑफ तिथि तक निर्धारित शैक्षणिक योग्यता होना अनिवार्य था, जबकि कई चयनित अभ्यर्थियों ने आवश्यक डिग्री या डिप्लोमा बाद में प्राप्त किया। ऐसे में उनकी नियुक्तियां प्रारंभ से ही अवैध मानी गई। डिवीजन बेंच ने यह भी पाया कि 275 पदों के लिए जारी विज्ञापन के बावजूद उससे अधिक पदों पर नियुक्तियां की गई, जो सेवा कानून के सिद्धांतों के विपरीत है।

सुनवाई के दौरान नियुक्त उप अभियंताओं की ओर से यह तर्क दिया गया कि वे तकरीबन 14 वर्षों से सेवा दे रहे हैं, इसलिए उनके मामलों में सहानुभूतिपूर्ण दृष्टिकोण अपनाया जाए। हाई कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं की इस दलील को खारिज करते हुए अपने फैसले में कहा, लंबी सेवा अवधि किसी अवैध नियुक्ति को वैध नहीं बना सकती। इसके बाद कोर्ट ने क्वो वारंटो का रिट जारी करते हुए नियुक्तियां रद्द कर दी थी।

रवि शुक्ला
रवि शुक्ला

प्रधान संपादक

Advertisement Carousel
CRIME NEWS

BILASPUR NEWS