बिलासपुर।संकेत साहित्य समिति बिलासपुर इकाई की मासिक साहित्यिक गोष्ठी समिति के महासचिव नरेंद्र शुक्ला अविचल के निज निवास, गीतांजलि सिटी में आयोजित की गई। गोष्ठी का मुख्य आकर्षण अयोध्या से पधारी मात्र 11 वर्ष की बाल कवयित्री आहुति शुक्ला रहीं, जिन्होंने विभिन्न विषयों पर स्वरचित कविताओं का पाठ कर उपस्थित साहित्य प्रेमियों का मन जीत लिया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अयोध्या से पधारे विनय शुक्ला रहे। वरिष्ठ अतिथि के रूप में सूर्यकांत त्रिपाठी उपस्थित थे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता अंजनी तिवारी सुधाकर ने की। गोष्ठी का सफल संचालन राकेश खरे राकेश द्वारा किया गया तथा धन्यवाद ज्ञापन नरेंद्र शुक्ला अविचल ने प्रस्तुत किया।
गोष्ठी के दौरान वक्ताओं ने कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास और संस्कार निर्माण में माता-पिता की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। बाल कवयित्री आहुति शुक्ला की साहित्यिक प्रतिभा इस बात का प्रमाण है कि उचित मार्गदर्शन और पारिवारिक सहयोग से अल्प आयु में भी उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं। इस अवसर पर आहुति की माता श्रीमती गरिमा शुक्ला की विशेष रूप से सराहना की गई, जिनके सहयोग और मार्गदर्शन से आहुति निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर हैं।कार्यक्रम में उपस्थित सभी श्रोताओं ने गोष्ठी की भूरि-भूरि प्रशंसा की तथा सौरव शुक्ला को आहुति शुक्ला को आमंत्रित करने हेतु हृदय से धन्यवाद ज्ञापित किया।उक्त जानकारी राकेश खरे अध्यक्षसंकेत साहित्य समिति ने दी ।
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