रायगढ़, 30 जनवरी।कर्तव्य सिर्फ वर्दी तक सीमित नहीं होता जब सामने मानव जीवन संकट में हो तब पुलिस जवान का असली चेहरा सामने आता है।रायगढ़ के थाना लैलूंगा क्षेत्र के ग्राम रूडूकेला में कुछ ऐसा ही दृश्य देखने को मिला जब मधुमक्खियों के अचानक हुए हमले में फंसे ग्राम कमरगा के 6–7 युवकों को रायगढ़ पुलिस के प्रधान आरक्षक शिव पैंकरा ने अपनी जान जोखिम में डालकर सुरक्षित बाहर निकाला।
घटना 29 जनवरी की दोपहर की है। ग्राम भ्रमण के दौरान प्रधान आरक्षक शिव पैंकरा जब रूडूकेला पहुंचे, तभी उन्हें जानकारी मिली कि कबड्डी खेलने जा रहे कुछ युवक रास्ते में मधुमक्खियों के झुंड के हमले का शिकार हो गए हैं। मधुमक्खियों के डंक से घबराए युवक सड़क पर गिर पड़े और चारों ओर अफरा-तफरी मच गई।
स्थिति की गंभीरता को समझते हुए प्रधान आरक्षक शिव पैंकरा ने पल भर की भी देरी नहीं की। मौके पर बड़ी प्लास्टिक शीट मंगवाई गई, मशाल जलाकर मधुमक्खियों को भगाया गया और अपनी सुरक्षा की परवाह किए बिना युवकों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया गया। ग्रामीणों के सहयोग से सभी घायलों को तत्काल लैलूंगा अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यदि समय पर मदद नहीं मिलती तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी। मधुमक्खियों का झुंड लगातार हमला कर रहा था और घायल युवक स्वयं उठने की स्थिति में नहीं थे। ऐसे में प्रधान आरक्षक की तत्परता और सूझबूझ ने कई जिंदगियां बचा लीं।
इस साहसिक और मानवीय कार्य की जानकारी थाना प्रभारी लैलूंगा उप निरीक्षक गिरधारी साव द्वारा वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई। घटना को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रायगढ़ श्री शशि मोहन सिंह ने प्रधान आरक्षक शिव पैंकरा को पारितोषिक देकर सम्मानित किया और इसे पुलिस बल के लिए प्रेरणास्रोत बताया।
एसएसपी आईपीएस शशि मोहन सिंह ने कहा कि कर्तव्य के साथ मानवता का यह उदाहरण पुलिस की असली पहचान है। ऐसे जवान पूरे विभाग का गौरव होते हैं।यह घटना न केवल पुलिस की संवेदनशील भूमिका को उजागर करती है, बल्कि यह भी साबित करती है कि संकट के समय एक साहसी कदम कई जिंदगियों को नई उम्मीद दे सकता है।
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