बिलासपुर। कोतवाली थाना क्षेत्र के डीपरापारा इलाके में पुरानी रंजिश को लेकर एक युवक द्वारा पहले मकान में आगजनी और बाद में नाबालिग के साथ सरेराह मारपीट किए जाने का मामला सामने आया है। दोनों ही घटनाओं में एक ही युवक का नाम सामने आया है। पुलिस ने दोनों मामलों में अलग-अलग धाराओं के तहत जुर्म दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुराना हाईकोर्ट के पीछे अटल आवास के सामने रहने वाली कशिश चौधरी (20) ने पुलिस को बताया कि 26 जनवरी की रात वह अपने परिजनों के साथ भोजन करने के बाद सो गई थीं। तड़के करीब चार से पांच बजे के बीच आग जलने जैसी आवाज सुनकर उनकी नींद खुली। बाहर निकलकर देखा तो घर के एक हिस्से में आग लगी हुई थी। उसी समय किसी व्यक्ति के भागने की आवाज भी सुनाई दी। कशिश के पति सौरभ चौधरी और देवर शांतनु चौधरी ने तत्काल पानी डालकर आग पर काबू पाया, जिससे बड़ा नुकसान होने से बच गया। कशिश ने बताया कि घटना से एक दिन पहले 25 जनवरी की रात करीब 11:30 बजे शुभम चौहान उनके घर के पीछे आया था और उनके देवर शांतनु चौधरी के साथ गाली-गलौच कर रहा था। मना करने पर शुभम चौहान ने घर में आग लगाने की धमकी दी थी। इसी वजह से उन्हें संदेह है कि आगजनी की घटना उसी ने अंजाम दी है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने आगजनी का अपराध दर्ज कर लिया है। इधर, दूसरी घटना 28 जनवरी की दोपहर करीब 1:30 बजे की है। 16 वर्षीय शांतनु चौधरी, जो एक गैरेज में काम करता है, दयालबंद से भोजन कर अपने घर लौट रहा था। जैसे ही वह दयालबंद चौक के पास पहुंचा, वहां पहले से मौजूद शुभम चौहान और अंशु सालवे उर्फ लल्ला ने पुरानी रंजिश को लेकर उसे रोक लिया और मां-बहन की गालियां देने लगे। विरोध करने पर शुभम चौहान ने लोहे की वस्तु से हमला किया, जबकि अंशु सालवे ने हाथ-मुक्कों से मारपीट की। इस हमले में नाबालिग के कान, नाक और चेहरे पर गंभीर चोटें आई हैं। परिजन उसे उपचार के लिए अस्पताल लेकर पहुंचे। मामले की शिकायत मिलने पर पुलिस ने मारपीट, धमकी और अन्य संबंधित धाराओं के तहत दोनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की तलाश की जा रही है और जल्द ही कार्रवाई की जाएगी।
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