सकरी में अलगाव, यहां हुआ जुड़ाव
कुर्सी और महत्वाकांक्षी की लड़ाई तो जगजाहिर है। यह ना तो किसी से छिपी हुई है और ना ही दबी हुई। यदाकदा यह सामने आ ही जाती है। ऐसा ही कुछ वाकया सकरी में देखने को मिला था। 70 करोड़ रुपये से अधिक के विकास व निर्माण कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास होना था। मंच सज गया था। मंच पर बैठने वालों की अपनी तैयारी पूरी हो चुकी थी। एनवक्त पर दिल्ली से फोन आया और सबकुछ ठांय-ठांय फिस्स हो गया। मंत्री की नाराजगी के आगे किसी की नहीं चली। प्रोटोकॉल जो सामने था। लिहाजा मन मसोसकर कार्यक्रम को कैंसिल करना पड़ा। सकरी के बाद विवेकानंद उद्यान में जुड़ाव हुआ। जुड़ाव तो हुआ, मंच पर सब साथ नजर आए। हम साथ-साथ हैं, के नारों को बुलंद भी किया, पर सब कुछ जुदा-जुदा और खींचे ही नजर आए। देखने वालों ने देखा भी कानों में फुसफुसाया भी। दूरियां बढ़ी तो फिर बढ़ते ही दिखाई दे रही है।
राममय माहौल में चर्चा किसकी हो रही
न्यायधानी का पूरा माहौल भक्तिभाव में रमा हुआ है। जया किशोरी के बाद विजय कौशल महाराज रामकथा सुना रहे हैं। रामकथा से पहले शहर में भव्य कलश यात्रा निकाली गई थी। कलश यात्रा में महिलाओं की भीड़ ने समय-समय पर भीड़ जुटाने वाले प्रबंधकों को भी हैरान कर दिया है। उनको तो यकीन ही नहीं हो रहा है कि इतनी भीड़ जुटी कैसे, कारण भी साफ है, जो हैरान हैं वे भीड़ जुटाने वाले पेशेवर लाेग हैं। एक तिहाई भीड़ इकट्ठा करने में पसीना छूट जाता है। यहां तो सड़कें छोटी पड़ गई थी। रामकथा में भी श्रद्धालुओं की अच्छी खासी भीड़ जुट रही है। भीड़ को लेकर एक ही चर्चा हो रही है, भैया के प्रबंधन का जवाब नहीं है। उनके प्रबंधन का जवाब नहीं है। सत्ता के गलियारे से दूरी होने के बाद भी वही दमखम नजर आता है जो पहले कभी सत्ता के केंद्र में हुआ करते थे। जाहिर सी बात है, चर्चा छिड़ी तो दूर तलक तो जाएगी ही।राजधानी की दूरी भला कितनी है।
एसएसपी की मार्मिक अपील और सोशल मीडिया
बिलासपुर जिले के एसएसपी सोशल मीडिया में इन दिनों जमकर छाए हुए हैं। ड्रिंक एंड ड्राइविंग हो या फिर हेलमेट की बात। वे युवाओं को लगातार जागरुक करते नजर आते हैं। हाल के दिनों में उनका एक और वीडियो सामने आया है। माडीफाइड साइलेंसर को लेकर। सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर उनका यह वीडियो और शार्ट फिल्म खूब वायरल हो रहा है। तगड़ी पुलिसिंग के बीच युआओं के भविष्य की चिंता को लेकर उनका यह वीडियो चर्चा में तो है, साथ ही अब सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर जमकर शेयर भी हो रहा है। जितनी अधिक शेयर हो उतना ही युवाओं के सेहत के लिए अच्छा रहेगा। वीडियो देखकर और एसएसपी की अपील सुनकर ही जागरुक हो जाएं तो इससे अच्छी बात और क्या हो सकती है।
बैज होंगे रिपिट या फिर बाबा की होगी ताजपोशी
कांग्रेस में संगठन सृजन के दूसरे और महत्वपूर्ण दौर की चर्चा खूब हो रही है। बुधवार को एआईसीसी ने प्रदेशभर र के ब्लॉक अध्यक्षों की सूची जारी कर दी है। मौजूदा सूची कुछ के लिए अच्छी तो अधिकांश के लिए बुरी खबर लेकर आई। कुछ रिपिट हुए और अधिकाशं नए चेहरे नजर आ रहे हैं। सूची जारी होने के बाद कांग्रेस के अलग-अलग गुट से ताल्लुक रखने वाले पूरी सूची को गुटीय नजरिए से देख रहे हैं और मीडिया वालों को इसी नजरिए से एनालिसिस कर बता भी रहे हैं। फलां इस गुट से है तो ये भाई साहब को इनके चलते कुर्सी मिल गई है। ये तो होना ही था। दिग्गजों ने अपनी रेवड़ी अपनों को खूब बांटी। पहले शहर व जिला अध्यक्ष की नियुक्ति में और अब ब्लॉक अध्यक्षों की ताजपोशी में। चलिए दूसरा और अंतिम एपीसोड पूरा हो गया है। अब बारी ऊपर लेबल की है। देखने वाली बात ये रहेगी कि बैज रिपिट होते हैं या फिर बाबा की ताजपोशी।
अटकलबाजी
छत्तीसगढ़ में कमिश्नरनेट सिस्टम की उलटी गिनती शुरू हो गई है। राजधानी रायपुर के पहले कमिश्नर बनने की राह में दिग्गज आईपीएस की लंबी लाइन है। बाजी मारने वालों ने कहां से क्या जुगाड़ भिड़ाया कि दिग्गज देखते ही रह गए।
जिले की भाजपाई राजनीति में दिग्गजों के बीच जारी शीतयुद्ध यूं ही चलते रहेगी या फिर समझौते की कही गुंजाइश बन रही है। सवाल ये है कि अगर यह ऐसे ही जारी रहा तो आने वाला कल कैसे रहेगा।
प्रधान संपादक

